अकबर बीरबल की कहानी – सबसे बड़ा मूर्ख

अकबर बीरबल की कहानी – सबसे बड़ा मूर्ख की कहानी

 

एक बार राजा अकबर ने सभा बुलाई और बीरबल से कहा – बीरबल तुम मुझे देश सभी मूर्खों की सूची चाहिए । साथ में मुझे यह भी जानना है कि सबसे बड़ा मूर्ख कौन ?

 

घोड़े का व्यापारी

 

संयोग से जिस दिन राजा अकबर ने ये आदेश दिया था उसी दिन एक व्यापारी बहुत दूर अरब से आया था और आपे संग बहुत सारे अरबी घोड़े भी लाया था उसे बेचने के लिए ।

 

बादशाह को वो घोड़े बहुत पसंद आया और राजा अकबर उस व्यापारी के साथ का सौदा किया २०० घोड़े का । राजा अकबर ने उसे ख़ुश होकर १००० सोने की मुद्राएँ पेसगी दी ।

व्यापारी बहुत ख़ुश हुआ और राजा अकबर बहुत सी दुयायें देकर चला गया ।

 

कुछ दिनो के बाद बीरबल मूर्खों की सूची लेकर बादशाह के पास आया । बादशाह ने उस लिस्ट को जैसे ही देखा ग़ुस्से से लाल हो गए क्यूँकि उस लिस्ट में सबसे ऊपर में राजा अकबर का ही था

और ग़ुस्से से पूछा – बीरबल यह क्या बदतमीज़ी है ? इनमें सबसे बड़ा मूर्ख मैं कैसे ?

अभी बताओ नहीं तो मैं तुम्हारा सर को अभी धड़ से अलग कर दूँगा ।

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बीरबल ने कहा – महाराज ग़ुस्ताखी माफ़ लेकिन आपने उस दिन घोड़े वाले व्यापारी को १००० सोने की मुद्राएँ पेसगी दी थी ।

जबकि आपको उसका ना पता ना नाम मालूम है फिर भी आपने उसे १००० सोने की मुद्राएँ पेशगी दे दी बिना उसके नाम पता जाने ।

अब आप ही बताइए की क्या यह मूर्खता पूर्ण कार्य नहीं है महाराज ?

यह समझ लेना चाहिए की वो व्यापारी १००० स्वर्ण मुद्राएँ लेकर चला गया है और अब वह लौट कर नहीं आएगा ।

तब राजा अकबर को अपनी ग़लती का अहसास हुआ पर उन्होंने कहा – अगर वह व्यापारी वापस आ गया तो ?

तब मैं आपका नाम काटकर उस व्यापारी का नाम सबसे ऊपर लिख दूँगा ।

 

अकबर बीरबल की कहानी बहुत मशहूर है पुरे भारत में जो की ज्ञान और मनोरंजन से भरपूर।

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