अजीम प्रेमजी विप्रो संस्थपक एशिया के सबसे बड़े दानवीर ने दान किए 52,750 करोड़

अजीम प्रेमजी विप्रो संस्थपक  एशिया के सबसे बड़े दानवीर ने दान किए 52,750 करोड़

भारत सरकार ने जब कोरोना से युद्ध लड़ने के लिए मदद मांगी तो उन्हों ने दान किए 52,750 करोड़ रुपये, अब तक 145,000 करोड़ दान दे चुके हैं 

अजीम प्रेमजी विप्रो संस्थपक एशिया के सबसे बड़े दानवीर ने
अजीम प्रेमजी विप्रो संस्थपक

अजीम प्रेमजी जन्म 25 जुलाई 1945 में करांची में हुआ था। उनको १९६६ में कैलिफोर्निआ की स्टैण्डर्ड यूनिवर्सिटी कम्प्यूटर की पढाई छोड़कर भारत लौटना पड़ा।

 

उनके पिताजी ने उन्हें 7 करोड़ की कंपनी विरासत में दी थी ,जो वनस्पति घी ,और कपडे धोने का साबुन बना रही थी।

21 साल की उम्र में प्रेमजी को बिलकुल अनुभव नहीं था ,वो खुद भी साक्षात्कार में -मैं इसके लिए बिलकुल तैयार नहीं था। मेरे पास एक ही स्वप्न था की मुझे एक बड़ी कंपनी बनानी है।

उन्होंने अपने घी, तेल साबुन बनाने व्यवसाय में वृद्धि की साथ ही एक बड़ी कम्पनी बनाने का सपने के साथ 1980 में आई टी क्षेत्र में प्रवेश किया। 1991 में उनको जब्बरदस्त मौका मिला।

भारत सर्कार ने अमेरिका की आई बी ऍम कम्पनी भारत में व्यापार करने पर प्रतिबन्ध रख दिया। एक बिज़नेस मैन नाते अजीमप्रेम जी यह मौका हाथ से गवाना नहीं चाहते थे।

उनको पता था की आई बी एम के जाने के बाद भारत में आई टी क्षेत्र में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। उनको विप्रो कम्पनी नाम से हार्डवेयर सॉफ्टवेयर बनाना सुरु किया।

उस समय भारत में बहुत कम कंपनियां कार्यकर्त थी,लेकिन अजीम प्रेमजी की दूरदर्शिता ने यह कामयाबी दिलाई। अजीम प्रेमजी की शादी अदिति के साथ हुई है। अ

जीम प्रेमजी ने अपने व्यवसाय का प्रसार करने के वैश्वीकरण की निति अपनाकर दूसरी कंपनियों को खरीदकर अपनी स्थिति मजबूत बनाई।

आई टी के बाद आई पि ओ क्षेत्र संभावनाएं परखकर ,उसमें भी अपना नसीब आजमाया। आजकल विप्रो कई अमेरिकन और यूरोपियन कंपनियों की आधारशिला है।

विप्रो में 27000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। उनकी कम्पनी का सिद्धांत है रिश्वत लेनी नहीं और देनी भी नहीं है। अजीम प्रेमजी को पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

उनका जीवन का मूलमंत्र है सिर्फ देश में नहीं बल्कि विश्व में सर्वश्रेष्ठ बनिए। उन्होंने विप्रो को 1.5 मिलियन डॉलर की कम्पनी बना दी।

 

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन एजुकेशन के कई क्षेत्र में काम करते हैं। उन्हें ऐसा का सबसे बड़ा दानवीर कहा जाता है।

related post-

करसनभाई पटेल

सर्गे ब्रिन और लेरी पेइज

आज के अनमोल विचार

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *