आदत की ब्रह्मंडीय शक्ति

आदत रस्सी की तरह होती है। हम हर दिन इसका एक धागा बुनते हैं और अंत में यह इतनी मजबूत हो जाती है की हम इसे तोड़ नहीं सकते। – होरेस मान 

आदत की ब्रह्मंडीय शक्ति

आदत की ब्रह्मंडीय शक्ति का नियम है की प्रकृति सभी आदतों को स्थायी बना देती है,ताकि एक बार आदत पड़ जाने के बाद वे अपने आप चलती रहें। यह ब्रह्माण्ड के बारे में भी उतना ही सच है , जितना की इंसान की आदतों के बारे में। 

व्यक्ति चाहे कहीं भी हो और कुछ भी हो,अपने विचार और काम करने की आदतों के कारण होता है। इस पूरी फ़ॉलोसोफी का उद्देश्य यह है की व्यक्ति ऐसी आदत डाल ले, ताकि वह वर्तमान स्थिति से आगे बढ़कर अपनी मनचाही स्थिति तक पहुँच जाये। ताकि वह जो है,उसे आगे बढ़कर व्यक्ति वह बन जाये,जो वह जिंदगी में बनना चाहता है। 

 

सभी वैज्ञानिक और कई अन्य लोग यह सच्चाई अच्छी तरह जानते हैं  प्रकृति पुरे ब्रह्माण्ड में पदार्थ और ऊर्जा के सभी तत्वों के बिच आदर्श संतुलन बनाए रखती है। पूरा बरह्माण्ड अटूट नियमों पर चलता है।

 

इस ब्रह्माण्ड की आदतें कभी नहीं बदलती है और इंसान उन्हें किसी तरह से नहीं बदल सकता है। ब्रह्माण्ड की पांच वास्तविकताएं ये है: (1 ) समय , (2 ) आकाश , (3 ) ऊर्जा, (4 ) पदार्थ और (5 ) बुद्धि। ये पांच बाकि तत्वों को व्यवस्थित आकार देती हैं और उन्हें निश्चित आदतों पर आधारित तंत्र में बदल देती है। 

 

आदत की ब्रह्मांडीय शक्ति प्रकृति की नियंत्रक है,जिसके द्वारा बाकि सभी प्राकृतिक नियम तंत्रों के माध्यम से  संयोजित, व्यवस्थित और क्रियन्वित होते हैं।  इसलिए सबसे बड़ा प्राकृतिक नियम कहा गया है। 

 

आदत की ब्रह्मंडीय शक्ति – आदत की शक्ति का अर्थ स्पष्ट है। यह ऐसी शक्ति है जो स्थापित आदतों के माध्यम से काम करती है। इंसान से काम बुद्धि वाले प्राणी आदत की ब्रह्मंडीय शक्ति से संचालित होकर सहज बुद्धि (instinct ) के माध्यम से अपना वंश चलते हैं।

 

सिर्फ इंसान को ही अपनी आदतें  का अधिकार दिया गया है। सिर्फ इंसान ही अपनी आदतों को अपने विचारों के अनुरूप ढाल सकता है। यह एक महत्वपूर्ण बात है,क्यूंकि इंसान को सिर्फ विचरों पर ही पूरा नियंत्रण और अधिकार मिला है। 

 

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अगर व्यक्ति डर,शंका,ईर्ष्या ,लोभ और गरीबी की सीमाओं के बारे में सोंचेगा ,तो आदत की ब्रह्मंडीय शक्ति उसके विचारों को उनके भौतिक रूप में बदल देगी। दूसरी तरफ ,अगर व्यक्ति समृद्ध और प्रचुरता के बारे में सोंचेगा ,तो यही नियम उसके विचारों को उनके भौतिक आकार देने का अधिकार का इस्तेमाल करके अपनी किस्मत को आश्चर्य जनक सीमा तक नियंत्रित कर सकता है। 

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