आरी की धार तेज करें-अतिप्रभवकारी लोगों की सातवीं आदत

आज आपको अतिप्रभावकरी लोगों की सातवीं आदत के बारे में जो बहुत महत्वपूर्ण है -आरी की धार तेज करें के बारे में बात करेंगे।
अतिप्रभवकारी लोग शार्प वर्क करते हैं ,ना की हार्ड वर्क।

 

शार्प वर्क क्या  होता है ? इसे समझने के लिए मैं आपको एक कहानी बताने जा रहा हूँ।

एक नौजवान था ,वह परेशान था क्यूंकि उसके पास नौकरी नहीं थी। एक दिन वह जंगल से गुजर रहा था ,वहां उसे देखा की पेड़ों की कटाई हो रही थी।
उसे लगा की मुझे कोई काम मिल सकता है। उसने वहां के मालिक से विनती की। और और उसके मैनजेर ने उसे नौकरी पर रख लिया। उसे पेड़ काटने का काम दे दिया और

उसे एक बिलकुल नई कुल्हाड़ी दिया।

इस नौजवान में जोश और नए काम का उत्साह ,
पहले दिन उसने सात पेड़ काट गिराए
दूसरे दिन नौजवान ने उसी जोश और उत्साह से काम सुरु किया और शाम होते-होते छह पेड़ गिरा दिए।
तीसरे दिन फिर उत्साह और जोश के साथ पेड़ काटना सुरु किया और उस दिन वो पांच पेड़ काटे।

दिन-प्रतदिन उसकी क्षमता घटती जा रही थी।

चौथे बहुत मुश्किल से शाम ढलने तक चार पेड़ काट पाया।
सातवें दिन मैनजेर जब निरिक्षण के लिए निकला तो उसने देखा वह नौजवान तो कड़ी मेहनेत कर रहा है फिर भी एक पेड़ भी नहीं काट सका था और बड़ा परेशान लग रहा था।

मैनजेर पूछा –

क्यों भाई पहले तो तुम  बहुत सारा पेड़ काट गिराते थे। फिर प्रतदिन तुम्हारा काम घटता जा रहा है ?
नौजवान पसीना पोंछते हुए बोला -साहब ,मैं भी समझ नहीं पा रहा हूँ ,ऐसा क्यों हो रहा है ?
मैं तो वही जोश और लगन के साथ काम कर रहा हूँ ,जो मुझमें पहले दिन था।
आस्चर्य की बात है की कुल्हाड़ी भी वही है। फिर मेरा परिणाम कम क्यों हो रहा है ? ये बात मुझे समझ में नहीं आ रहा है।
मैनजेर ने मुस्कुरा कर पूछा –

तुमने कभी कुल्हाड़ी की धार निकाली ?

नौजवान बोला -मैनजेर साहब ,मैं पेड़ काटने में इतना व्यस्त हो गया था की कुल्हाड़ी की धार निकलने का मुझे ख्याल ही नहीं आया।
तब उस मैनजेर ने कहा-देखो ,एक बात अच्छी तरह से समझ लो ,अगर तुम्हें
जीवन में अच्छा परिणाम पाना है तो  आरी की धार तेज करें-अपनी कुल्हाड़ी की धार निकालने की आदत डालो।
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हमारे पास भी दो कुल्हाड़ी है –

1.शरीर नाम की कुल्हाड़ी –

इसका धार निकालने के लिए –
-पौष्टिक भोजन
नियमित व्यायाम
पर्याप्त आराम

2.मन नाम की कुल्हाड़ी

इसका धार निकालने के लिए –
सकरात्मक मानसिक विकाश करें
प्रेरणादायक किताबें पढ़ें।
स्व-विकाश कार्यकर्मों में भाग लें।
हर सप्ताह इसका मूल्यांकन जरूर करें की मेरी आरी की धार निकल रही है या नहीं ?

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