क्यों एक लीडर को अपने साथ लीडर बनाना चाहिए , अनुयायी नहीं !

आपका बहुत-बहुत स्वागत है KadvePravachan.Com पर आज हम बताएँगे आपको की क्यों  एक लीडर को अपने साथ लीडर बनाना चाहिए , अनुयायी नहीं !

एक महत्वपूर्ण विषय है यदि आप एक लीडर है और आपके पास टीम है तो –

क्यों एक लीडर को अपने साथ लीडर बनाना चाहिए , अनुयायी नहीं !
क्यों एक लीडर को अपने साथ लीडर बनाना चाहिए , अनुयायी नहीं !

क्यों एक लीडर को अपने साथ लीडर बनाना चाहिए , अनुयायी नहीं !

जिस लीडर के  पास सिर्फ़ अनुयायी होते हैं , उसे काम करवाने के लिए हमेशा अपने संशोधनों का प्रयोग करना पड़ता है ।

अगर बोझ कम करने के लिए दूसरे लीडर ना  हों , तो वह थक जाएग और उसके हौसले पस्त हो जाएँगे।

क्या आपने हाल ही में ख़ुद ये सवाल पूछा है , ‘’ क्या मैं थक गया हूँ ? “

अगर इसका जवाब हाँ है तो शायद आपके पास इसका अच्छा कारण होगा , जैसा कि इस मज़ेदार कहानी में बताया गया है :

एक असफल लीडर की सोंच –

दुनिया में कहीं एक ऐसा देश है , जिसकी जनसंख्या २२ crore है ।

इनमे 7.4 करोड़ लोगों की उम्र साठ साल से ज़्यादा है , इसलिए काम करने वाले सिर्फ़ 13.6 करोड़ बचते हैं ।

9.5 करोड़ लोगों की उम्र बीस साल से कम है , इसलिए काम करने के लिए सिर्फ़ 4.1 करोड़ लोग बचते हैं ।
2.2 करोड़ सरकारी कर्मचारी हैं , इसलिए काम करने के लिए सिर्फ़ 1.9 करोड़ बचते हैं , सेना में 40 लाख लोग हैं

,इसलिए काम करने के लिए बचते हैं सिर्फ़ 1.5 करोड़ । राज्य और नगर के ऑफ़िस में काम करने के लिए सिर्फ़ 2 लाख बचते हैं ।

1.77 लाख लोग अस्पतालों में या पगलखने में हैं , इसलिए अब काम करने के लिए सिर्फ़ 12000 लोग ही बचते हैं ।
दिलचस्प बात यह है की इस देश में 11998 लोग जेल में हैं इसलिए बोझ उठाने के लिए सिर्फ़ दो लोग बचते हैं

क्यों एक लीडर को अपने साथ लीडर बनाना चाहिए , अनुयायी नहीं !

यानी आप और मैं ! और मैं आपको बता दूँ की सब कुछ ख़ुद करते-करते थक गया हूँ । !

अगर आप सारा बोझ ख़ुद नहीं उठाना चाहते हैं तो आपको लीडर तैयार  करने की ज़रूरत है ।

याद रखें आप कि वारिस के बिना कोई सफलता पूरी नहीं होती ।

जब लीडर  लक्ष्य के लिए मिलकर काम करते हैं तो वो अपनी विकाश की क्षमता को बड़ाते हि हैं ,

अपनी शक्ति को भी कई गुना बड़ा लेते हैं ।

अपनी यह बात को पुष्टि के लिए का उदाहरण देना चाहूँगा :

मिड्वेस्टर्न के एक मेले में बहुत से दर्शक जमा थे ।

ये लोग घोड़ों द्वारा बजनी घोड़ा गाड़ी खिंचने की प्रतियोगिता देखने आए थे ।

चैम्पीयन घोड़े ने 4500 पाउंड वज़न वाली गाड़ी खिंचा ।

दूसरे नम्बर पे आए घोड़े ने 4400 पाउंड वजन वाली खिंची ।

कुछ लोगों के मन में यह जिज्ञासा हुई की दोनो घोड़े मिलकर कितना वजन खिंच सकते हैं

अलग-अलग वे लगभग 9000 पाउंड खिंच सकते थे ,

परंतु जब दोनो को साथ-साथ टीम की तरह बाँध दिया गया तो उन्होंने 12000 पाउंड से ज़्यादा वज़न खिंचा ।

किसी भी टीम के लीडर मिलकर काम करेंगे तो काम आसान और जल्दी होगा और सफलता भी जल्दी मिलेगी ।

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धन्यवाद ।

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निवेदन – मेरा निवेदन है कि यदि यह पोस्ट क्यों एक लीडर को अपने साथ लीडर बनाना चाहिए , अनुयायी नहीं ! अच्छा लगा हो तो कॉमेंट ज़रूर करें ।

 

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