छठी इंद्री क्या होता है ?- छठी इन्द्रिय का प्रयोग के फ़ायदे

आपका बहुत बहुत स्वागत है KADVE PRAVACHAN.COM पर ,आज के पोस्ट में हम पढ़ेंगे- छठी इंद्री क्या होता है ?

 

छठी इन्द्रिय रचनात्मक कल्पनाशीलता का फल है।  अवचेतन मन की वह शक्ति है ,

जिसके जरिये असीम प्रज्ञा स्वेक्षा से से सम्प्रेषण करती है ,जिसमें इंसान की ओर से कोई कोसिस या मांग नहीं की जाती है।

हालाँकि छठी इन्द्रिय वर्णन से परे है। 

 

छठी इंद्री का प्रयोग –

 

  • यह सिद्धांत की सहयता से आपको आगामी खतरों की चेतावनी मिल जाती है ,ताकि आप बच सकें।

 

  • इससे आपको अवसरों की समय पर जानकारी मिल जाती है ,ताकि आप उसक दोहन कर सकें। 

 

  • छठी इन्द्रिय  अदृश्य परामर्श दाता है जिसे आप महसूस कर सकते हैं। 
  • यह सिद्धांत सम्भवतः इंसान के सिमित मन और असीम प्रज्ञा के बिच सम्पर्क का माध्यम है।

 

इस वजह से यह मानसिक और आध्त्यमिक दोनों का मिश्रण है। इसे वह बिंदु माना जाता है , जिस पर इंसान का मन सर्वव्यापी मन से संपर्क करता है। 

 

छठी इंद्री को आप कब महसूस कर सकते हैं –

 

  • चालीस की उम्र से पहले कभी-कभार ही इंसान को छठी इन्द्रिय का ज्ञान मिलता है।
  • अक्सर यह ज्ञान पचास साल की उम्र के बाद मिलता है ,क्यूंकि यह  इंद्री आध्यत्मिक शक्तियों के साथ करीबी तौर सम्बन्ध है और वे तब तक परिपक्व नहीं होती या उपयोगी बनती ,जब तक की ध्यान ,स्व-परिक्षण और गंभीर विचार के वर्षों न गुजर जाये। 
  • आप इसे अध्यात्म के ज़रिए भी महसूस कर सकते हैं । 

 

यह एक ऐसा कोई चीज नहीं है की आप इक्षानुसार उठा और रख सकें यह तो कई सिद्धांतों का उपयोग कर धीरे-धीरे आती है।  आप इसका विकास कर सकते हैं। 

 

यह एक ऐसी शक्ति है जिस से आप अपने निराशा और हतषा को दूर फेंक देंगे और डर  विजय पा लेंगे। 

 

महान लीडर्स और छठी इन्द्रिय

 

नेपोलियन , जोन ऑफ़ आर्क ,ईशा मसीह , बुद्ध , और मुहम्मद जैसे लगभग सभी महान नेता यह सिद्धांत  समझते थे संभवतः इसका निरंतर इस्तेमाल भी करते थे।

 

उनकी महानता का एक बड़ा कारण यह था की उनको इस सिद्धांत का ज्ञान था। 


याद रखें आप की छठी इन्द्रिय बुद्धिमता मंदिर के द्वार है -लोग जैसे हैं ,सपने सबसे प्रबल विचारों और इक्षाओं की वजह से बने हैं। 

 

 

आज का पोस्ट छठी इंद्री क्या होता है ?- छठी इन्द्रिय का प्रयोग के फ़ायदे अगर आपको अच्छी लगी हो तो आप प्लीज़ इसे शेयर करना ना भूलें ।

 

आप इसकी शुरुआत अभी से कर सकते हैं , आप दूसरे के अहसास को समझने की कोसिस कीजिए ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *