जिराफ की कहानी-सुख और दुःख में उठना सीखो

जिराफ की कहानी-सुख और दुःख में उठना सीखो

जिराफ की कहानी-

 

आज के पोस्ट मैं मैं जो तथ्य रखने जा रहा हूँ वो मैंने एक वीडियोको देखकर लिया है और ये वीडियो है श्री गोपाल प्रभु गौर जी का है।

इस वीडियो के माध्यम से वो सबको यही सन्देश दे रहे हैं की जिंदगी में कभी प्रॉब्लम भी आये तो हिम्मत नहीं हारना चाहिए और दोबारा उठ खड़ा होना चाहिए।

जिराफ की कहानी-सुख और दुःख में उठना सीखो
जिराफ की कहानी-सुख और दुःख में उठना सीखो

 

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अगर आप जीवन में आप सफलता पाना चाहते हैं तो जिंदगी में चैलेंजेज आता है PORBLEMS आते हैं लेकिन

 

सफलता का सबसे बड़ा शत्रु है निराशा। यदि आप निराश हो जायेंगे तो सबकुछ खो बैठेंगे।

 

जिराफ की कहानी-

जब भी आप निराश हो जाओ तो माँ जिराफ को याद कर लेना ,जब माँ जिराफ अपने बच्चे को जन्म देती है तो ,

चूँकि माँ जिर्राफ बहुत ऊँची होती है बच्चा ऊंचाई से जोर से गिर जाता है और जैसे ही बेचारा समझने का प्रयत्न्न करता की मैं कहाँ गिर गया ?

तब तक उसकी माँ उस बच्चे के ऊपर खड़ी रहती है और उसको बहुत जोर से लात मरती है और बच्चा बहुत दूर उड़ता हुआ जाकर गिर जाता है

उठना सीखो

 

बस अपनी सुधबुध दोबारा इकट्ठा करने की कोसिस करता है तबतक फिर उसकी माँ उसके ऊपर दोबारा आकर खड़ी रहती है

फिर दोबारा बहुत जोर लात मरती है बच्चा समझ जाता है की यदि मैं कुछ न करूं न तो लात खाते रहनी पड़ेगी

अपने बड़े कमजोर पैरों पे खड़े रहने का प्रयत्न्न करता है फिर दोबारा उसकी माँ आकर उसे लात मरती है बच्चा फिर गिर जाता है

और समझ जाता है की अगर मैं खड़े होकर भागूं नहीं तो बस लात खाते रहना पड़ेगा और बच्चा अपने पैरों पर खड़े होकर तेजी से भागने का प्रयत्न करता है

और तभी माँ आकर अपने बच्चों को चूमती है आलिंगन करती है। माँ जिर्राफ ऐसा क्यों करती है क्यूंकि माँ जिर्राफ भली भांति जानती है की

जंगल में खूंखार प्राणी शेर ,भेड़िये ,लोमड़ी आदि रहते हैं जिन्हे नवजात शिशु का मांश बेहद पसंद हैं।

जिर्राफ का लात पड़ने का मतलब चैलेंज आना

और माँ जिर्राफ बच्चे के साथ हर समय नहीं रह सकती है तो जब बाहर चली जाये तो इसकी रक्षा कौन करेगा ? इसलिए सबसे पहले जब उसका जन्म होता है तो लात मरती है

क्यूंकि वो उठना सीखे दोबारा लात मरती है क्यूंकि उसे उठने की वो क्रिया याद रहे फिर दोबारा लात मारती हैं क्यूंकि सिर्फ उठे नहीं दौड़ना प्रारम्भ करे ,

जीवन में कई बार आपको चुनौतियाँ आएँगी और हम गिरेंगे हम फ़ैल होंगे उस समय , माँ जिर्राफ और उसके बच्चे को याद कर लेना।

जब भी चुनौतियाँ आये जब भी कोई CHALLENGE आये जितनी बार भी आप गिरो उठना सीखो

उस बच्चे से उठना सीखो ,उठकर खड़े रहना सीखो खड़े रहकर भागना सीखो। अगर उठोगे खड़े रहोगे भागना सीखोगे तब यश ,सफलता के उच्च सिखर पर पहुंचना सीखोगे।

 

जिराफ की कहानी-सुख और दुःख में उठना सीखो -मेरा आज का पोस्ट पसंद आया होगा ,अगर आपको मेरा पोस्ट पसंद आया हो तो प्लीज लाइक और कमेंट करना न भूलें।

 

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