धीरूभाई अंबाणी 

16 वे साल में मैट्रिक पास करने के बाद यमन देश के ऐडन सहर में क्लर्क की नौकरी की और पेट्रोल भी भरने का काम किया था। वहां से 10 साल काम करने के बाद 1958 में मुंबई लौटे। मुंबई 15000 रुपये उधार लेकर मस्जिद बन्दर पर 300 SQUARE फ़ीट की ऑफिस से अपना व्यवसाय सुरु किया। 

 


धीरूभाई अंबाणी का विवाह कोकिला नाम की संस्कारी सुशिल महिला के साथ हुआ। उनके दो पुत्र और दो पुत्री है। दोनों पुत्रों में बड़ा मुकेश अंबाणी और छोटा अनिल अंबाणी। उन दोनों के पढाई में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी बाद में दोनों पुत्रों को व्यवसाय में शामिल कर लिया। 

 

वे सफल स्वप्नदृष्टा थे। जिन्होंने भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडिया लिमिटेड की नीवं डाली।

 

धीरे-धीरे उन्होंने पेट्रो-केमिकल्स ,इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ,एनर्जी पावर ,रिटेल टेक्सटाइल्स ,इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज, कैपिटल मार्केटेड एंड लॉजिस्टिक में पदार्पण किया। इसी तरह से धीरूभाई अंबाणी ने जीरो से हीरो का विकास यात्रा सुरु की। शेयर बाजार को आम इंसान को आकर्षित करने का श्रेय श्री धीरूभाई अंबाणी को जाता है।


उनकी कॉंवेर्टिवल डिवेंचर की स्किम ने शेयर बाजार में लोकप्रियता के स्वर्णिम सिखर बैठा दिया। 1992 में उन्होंने रिलायंस कंपनी को सर्वप्रथम बना दिया। रिलायंस कम्पनी सर्वप्रथम ऐसी कम्पनी थी जिसने फ़ोर्ब्स मैगजीन 500 कंपनियों के लिस्ट में गौरवपूर्ण स्थान पाया। 


2000 की साल में टाइम्स ऑफ़ इंडिया के सर्वेक्षण और समीक्षा के अनुसार ग्रेटेस्ट क्रिएटर ऑफ़  वेल्थ इन द सेंचुरी के गौरव से धीरूभाई अंबाणी को सम्मनित किये गए।  

6 जुलाई 2002 में मुंबई की ब्रीच कैंडी अस्पताल में धीरूभाई अंबाणी  महामानव का देहांत हो गया। उनके जीवन ज्योत परम ज्योत में विलीन हो गई। 

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QUOTES OF DHIRUBHAI AMBANI –

 

बड़ा सोंचो ,तेज सोंचो ,आगे सोंचो ,आइडिआ पर किसी का एकाधिकार नहीं है। 

यदि आप दृढ़ संकल्प के साथ और पूर्णता के साथ करते हैं तो सफलता आपका पीछा पीछा करती है। 

जो सपने देखने की हिम्मत रखते हैं वो पूरी दुनिया को जित सकते हैं। 

समय सिमा में काम खत्म कर लेना काफी नहीं है ,मैं समय सीमा से पहले काम खत्म करने की उपेक्षा रखता हूँ। 

न शब्द मुझे सुनाई नहीं देता है। 

कठिन समय में भी अपने लक्ष्य का पीछा मत छोड़िये 

मेरी सफलता का राज मेरी महत्वकांक्षा अन्य पुरषों की इक्षा जानना है। 

अगर आप गरीबीमें  जन्म लेते हैं इसमें आपकी कोई गलती नहीं है पर यदी आप गरीबी 

में  मरते हैं तो आपकी गलती है। 

फायदे कमाने के लिए  न्योते की जरुरत नहीं होती। 

हम दुनिया को साबित कर सकते हैं की भारत एक सक्षम राष्ट्र है। हम भारतियों को प्रतियोगिता से दर नहीं लगता है। भारत उपलब्धियां प्राप्त करने वाला देश है। 

 

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