नेटवर्क मार्केटिंग में असफल क्यूँ होते हैं

नेटवर्क मार्केटिंग में असफल क्यूँ होते हैं

नेटवर्क मार्केटिंग में असफल क्यूँ होते हैं

नेटवर्क मार्केटिंग में असफल क्यूँ होते हैं
राजीव चतुर्वेदी

नेटवर्क मार्केटिंग में जुड़ने वाले लोगों का संख्या बहुतायत में है । लेकिन ऐसा क्यूँ होता है कि उनमें से बहुत सारे लोग इस बिज़्नेस को छोड़ देते हैं , असफल या निसक्रिय हो जाते हैं । सच तो यह है की नेटवर्क में पलायन करने वाले लोग बिज़्नेस की इस प्रक्रिया में तपने और पसीना बहाने के लिए तैयार नहीं होते और ना ही उनके सपनो में दम होता है ।




नेटवर्कर असफल क्यूँ होते हैं …..
लोग डूबते हैं , तो समंदर को दोष देते हैं ,
मंज़िलें ना मिले तो , मुक़्क़दर को दोष देते हैं ,
ख़ुद तो चलते नहीं संभलकर अक्सर
जब लगती है चोट , तो पत्थर को दोष देते हैं ।

नेटवर्क मार्केटिंग में असफल क्यूँ होते हैं – इसके कुछ कारण नीचे दिए गए  हैं –

कारण 1 -नेटवर्कर व्यापार को गम्भीरता से नहि लेते ।
कारण 2 -वो इस बिज़्नेस को अपना नहीं मानते ।
कारण 3 -जो इस बिज़्नेस में असफल होते हैं उनके पास सपने नहीं होते हैं ।
कारण 4 -वो अपने मन के भीतर शर्म महसूस करते हैं ।
कारण 5 -उनको प्रॉडक्ट्स के बारे में जानकारी नहीं होती है ।
कारण 7-फ़ील्ड  उतरने से पहले एजुकेशन लेते नहीं ।
कारण8-तुरंत  परिणाम चाहते हैं ।
कारण ९-वो अपने मन के भीतर दो विचार लेकर चलते हैं ।
कारण १०-वो  ख़ुद को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं करते हैं ।
कारण ११-वो सिर्फ़ आय पर बातें करते हैं ।
कारण १२-वो  करते तो हैं काम , पर वास्तविकता में उनको बिज़्नेस पे भरोसा नहीं करते हैं ।
कारण -१३वह हमेशा नई कम्पनी के तलाश में रहते हैं ।
कारण -१४-वो तकनीकी जानकारी नहीं रखते हैं ।
कारण -१५वो ज़रूरत से ज़्यादा वादे कर देते हैं ।
कारण – १६-अफ़वाहों पर ध्यान देते हैं ।

कौन  सा ऐसा व्यवसाय है दुनिया में जिसमें सफलता प्राप्त करने के लिए लोगों को तपना ना पड़ा हो । आप शिखर  पर बैठे अधिकांश लोगों के जीवन में झांकेंगे तो पाएँगे की उनके जीवन में हमसे ज़्यादा कष्ट था ।



अमिताभ बच्चन जी जो की अभी सदी के महानायक हैं , उनको भी शुरुआती दिनों में बहुत संघर्ष करने पड़े थे । उनके आवाज़ के कारण उनको रेडीओ में नौकरी नहीं मिली थी और उनकी लम्बाई के कारण फ़िल्मों में धक्के खाने पड़े थे ।

 

ओस्कर विजेता ए. आर॰ रहमान टैक्सी चलाते थे । सूपरस्टार रजनीकांत जिन्हें दक्षिण भारत में पूजा जाता है , वो कंडक्टर का काम किया करते थे । दिलीप कुमार केला बेचते थे । हर सूपर स्टार ने अपना मुक़ाम तकलीफ़ों का सामना करके बनाया है ।

 

लेकिन बहुत सारे लोग इन प्रक्रिया का हिस्सा बनना नहीं चाहते । सफलता प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना नहीं चाहते। धन और समृद्धि के लिए सभी को शॉर्ट्कट चाइए । कहा जाता है की यदि आपके उपर कोई कठिन समस्या आ रही है तो समझिए ईश्वर आपको बड़ा दायित्व देने से पहले आपकी परीक्षा ले रहा है । जितना बड़ा परीक्षा होगी , उतना ही बड़ा दायित्व और पुरस्कार आपका इंतज़ार कर रहा होगा । भागें नहीं डटे रहें ।

अंततः प्रकृति न्याय करती है । ईश्वर पे भरोसा करें ।



यह मैंने आज का पोस्ट नेटवर्क मार्केटिंग में असफल क्यूँ होते हैं?  उज्जवल  पाटनी जी के किताब जूडो जोड़ो और जीतो से लिया है । इस किताब को हर किसी networker को ज़रूर पढ़ना चाहिए ।क्यूँकि सफलता के लिए ज्ञान की ज़रूरत है और किताबों से सच्चा ज्ञान मिलता है ।

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