प्रार्थना कैसे करें ?

प्रार्थना करते हुए पर्फ़ेक्शन की चिंता मत कीजिए । आप बस ईश्वर से बात कीजिए जैसे आप एक सच्चे मित्र से करते हैं ।यूँ भी उसको वह पता है , जो आप कहेंगे और वह भी जो आप नहीं कहेंगे ।
– पावर सूत्र – जीना है तो नियम तोड़ो ।



प्रार्थना को व्यक्तिगत जीवन में कैसे अपनाएँ :-

 

प्रार्थना स्नान करके करें ताकि आपको सुद्धता महसूस हो ।

 

एकांत में पाल्थी मारकर या वर्जाशन में बैठें ।

 

अपने ध्यान को दोनो आँखों के बीच तिलक लगाने की जगह पर केंद्रित करें ।

 

लगभग पाँच बार गहरी साँस लें और छोड़ें जिस से आपका मन और चित शांत होगा ।

 

फिर आपका प्रिय मंत्र का उच्चारण करें ।

प्रार्थना कभी भी सबसे ज़्यादा ताक़तवर दूसरों के लिए करते हैं तब होता है इसलिए दूसरों का मंगल कामना ज़रूर करें ।

 

ईश्वर की अब तक के अच्छे जीवनीकार आभार ज़रूर व्यक्त करें ।

 

ईश्वर को अपने लक्ष्यों के बारे में बताएँ और आशीर्वाद का आग्रह करें ।

 

जब भी आपका प्रार्थना ख़त्म हो तो अपने दोनो हथेलियों को आपस में रगड़कर आँखों पर चेहरे पर लगा लें ।फिर धीरे-धीरे आँखें खोलें ।

 

प्रार्थना के दौरान जितना कम व्यवधान हो , उतना हि बेहतर होगा क्यूँकि इससे आपका फ़ोकस बढ़ेगा । मोबाइल , म्यूज़िक , टी॰वी॰ आदि बिलकुल बंद रखें । माहौल जितना शांत होगा आपका प्रार्थना उतना ही ताक़तवर होगा ।

 

यह प्रार्थना जब आपको वक़्त मिलें तब कर सकते हैं ।

 

 

 

प्रभु तुम मुझे शक्ति दो ,
ख़ुद पर करूँ बिस्वास
मेरे लिए है ज़मीं
मेरे लिए आकाश

 

 

 

जो कुछ भी मैं ठान लूँ ,
पूरा मैं उसको करूँ
चाहे हो बाधा कोई ,
न मैं रुकूँ ना मैं डरूँ ।

 

 

उन सबको मेरा नमन,
जिनसे। यह जीवन मिला ,
गुरुजन और माता पिता ,
त्रुतियों को करना क्षमा ,

 

 

पाना है मुझको शिखर ,
ख़ुशियाँ ही ख़ुशियाँ जहाँ
सपने मेरे बड़े ,
प्रभु रखना अपनी दया ..

 

 

 

दोस्तों आज का विषय बहुत ही शानदार है  लिया है पावर थिंकिंग किताब से जो की इस किताब के लेखक हैं उज्जवल पटनी जी । इस किताब के अंदर १६ सपथ पत्र दिए गए हैं ।जो आपका जीवन बदल कर रख देगा ।



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