प्रेरणादायक तरुण सागर जी फेमस कड़वे प्रवचन -famous quotes in hindi

प्रेरणादायक तरुण सागर जी फेमस कड़वे प्रवचन famous quotes-अपने कड़वे प्रवचन से लोगों को झकझोर देते थे ,उनकी अंतरात्मा एक एक कम्पन्न होने लगता था।

तरुण सागर जी फेमस कड़वे प्रवचन –

 

प्रेरणादायक तरुण सागर जी फेमस कड़वे प्रवचन -famous quotes in hindi
प्रेरणादायक तरुण सागर जी फेमस कड़वे प्रवचन -famous quotes in hindi

जो केवल अपना भला चाहे वह दुर्योधन है। जो अपनों का भला चाहे वह युधिष्ठिर है और जो सबका भला चाहे श्री कृष्ण हैं। केवल अपना भला चाहने वाला पापत्मा है और जो सबका भला चाहता है वो पुण्यात्मा है। दुर्योधन  पापत्मा  है श्री कृष्ण परमात्मा हैं। सोंचिये ! आप क्या हैं ?

 

प्रेरणादायक तरुण सागर जी फेमस कड़वे प्रवचन- संत और सैनिक को सोने मत देना अगर ये सो गए समाज और देश का भाग्य सो जायेगा और पापी -इंसान और भ्र्ष्ट नेता को जागने मत देना क्यूंकि

अगर ये जाग गए तो समाज का अमन-चैन खो जायेगा। जिस देश का संत व सिपाही जागरूक और ईमानदार होगा वह देश कभी भी नष्ट-भ्र्ष्ट नहीं हो सकता। जागरूक संत और ईमानदार सिपाही ही देश को अमन-चाहीं दे सकता है।

एक व्यक्ति ट्रेन  रहा था जब टी सी ने टिकट माँगा। उसने अपने कपड़ों जेब में देखा टिकट नहीं मिला। फिर सूटकेस खोला ,देखा टिकट उसमें भी नहीं है।

विस्तार खोला उसमें नहीं टिकट नहीं मिला  टी सी भला आदमी था  ,उसने कहा-रहने दीजिये आप नेक इंसान मालूम पड़ते हैं।

आप विथाउट-टिकट सफर थोड़े न सफर करेंगे। वह व्यक्ति झुंझलाकर बोला – विथाउट-टिकट की चिंता कौन कर रहा है ? मैं तो टिकट ढूंढ रहा इसलिए की  सकूँ की मुझे जाना कहाँ है ? ज्यादतर लोगों का यही हाल है।

प्रेरणादायक तरुण सागर जी फेमस कड़वे प्रवचन-किसी ने पूछा -आपको सुनने के लिए हजारों भीड़ आती है लेकिन बदलता क्या है ? हर बार लोग सुनते हैं और अपनी दुनिया में लौटकर वही सब करने लगते हैं।

जिससे परेशान होकर आपके पास आते हैं ,क्या वाकई बदलते हैं लोग ? मैंने कहा -कथा  प्रवचन परविर्तन के माध्यम हैं। सुनने वालों के लिए  लिए भी अपने दायित्व हैं ,लेकिन हजार कभी बदलना संभव नहीं हुआ है। हजार सुनेगे ,सौ गुनेंगे ,दस चुनेंगे और बदलता एक है।

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