प्रॉस्पेक्ट्स -प्रोस्पेक्टिंग की प्रक्रिया

प्रोस्पेक्टिंग की प्रक्रिया 

प्रॉस्पेक्ट्स का विचारमग्नता तोड़ें  – आपकी निति यह होनी चाइये की आप सामने वाले की विचारमग्नता तोड़ दें। आप जिस से भी संपर्क करते हैं ,वह व्यस्त है और दूसरी  में सोंच रहा है।

वह पूरी तरह से अपने काम-काज ,खुद की समस्यायों ,परिवार ,स्वास्थ्य या बिलों में उलझा हुआ है। जब तक आप प्रॉस्पेक्ट की विचारमग्नता को न तोड़ दें ,आपको कभी प्रस्तुति देने का मौका ही नहीं मिलता। 

कुछ सेल्स पीपल फ़ोन करके अपना परिचय देते हैं और तुरंत ही अपना प्रोडक्ट्स या सेवा के बारे में बात करने लगते हैं इससे बेहतर तरीका यह है की आप अपना परिचय दें और फिर पूछें मुझे आपका दो मिनट समय चाहिए। क्या यह बात करने के लिए सही समय है ? जब प्रॉस्पेक्ट कह दे की उसके पास दो मिनट का समय है ,तभी आप कोई सवाल पूछते हैं ,जिसका उद्देश्य आपके प्रोडक्ट्स के परिणाम या लाभ को बताना है। 

प्रोडक्ट्स नहीं ,अपॉइंटमेंट बेचें 

कभी भी फ़ोन अपने प्रोडक्ट्स या अपने भाव के बारे में बात न करें जब तक आप प्रॉस्पेक्ट्स नहीं मिले पूरी बिक्री नहीं हो सकती है। यह महत्वपूर्ण नियम है। 

अपने शब्द  सावधानी से चुनें 

जब कोई सलेसपर्सन किसी प्रॉस्पेक्ट्स से पहली बार मिलता है,तो वह तुरंत ही अपने प्रोडक्ट्स के बारे में बताने लगता है हालाँकि प्रॉस्पेक्ट सुन रहा हो या नहीं आपको ,इससे आपको कोई लेना देना नहीं ये गलत है। 

आपके शब्द तो उतने ही धमाकेदार होने चाहिए मानो किसी ने कांच पे पत्थर माफर दिया हो। ऐसा कथन तैयार करें जिससे उसका पूरा ध्यान आपके ऊपर केंद्रित हो जाये। इस वाक्य का लक्ष्य हमेशा वह परिणाम या लाभ बताना होना चाहिए ,जो ग्राहक को आपके प्रोडक्ट्स या सेवा से मिलेगा ,लेकिन प्रोडक्ट्स का उल्लेख नहीं होना चाहिए। 

लाभ दिखाएँ – आप जब तक लाभ नहीं दिखायेंगे आपकी बिक्री हो नहीं सकती है। 

अच्छी शुरुआत आधा अंत है 

अच्छी शुरुआत ,एक प्रबल प्रश्न जिसका लक्ष्य आपके प्रोडक्ट्स का परिणाम या लाभ बताना हो ,आपको बिक्री के क्लोज तक ले जा सकता है ,प्रबल शुरुआत प्रॉस्पेक्ट की विचारमग्नता तोड़ती है। 

 आपका समय सिमित है

प्रॉस्पेक्ट्स का पूरा ध्यान खींचने के लिए मुलाकात के सुरु में आपके पास तीस सेकण्ड्स का समय होता है। पहले तीस सेकण्ड्स में ही प्रॉस्पेक्ट्स यह निर्णय ले लेता है की वह आपकी बात सुनने वाला है , अगर आप भटकते है और इधर-उधर की बातें करने लगते हैं तो आपका प्रॉस्पेक्ट्स बैचैन।  दोबारा फिर पटरी पर लाना बड़ा मुश्किल है। 

 आपके मुँह से निकले पहले पंद्रह से पच्चीस शब्द बाकि बातचीत का माहौल तैयार कर देते हैं। 

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