मुनिश्री तरुणसागर जी : एक सफर-तरुण सागर जी की जीवनी

मुनिश्री तरुणसागर जी की जीवनी -आज मैं मुनिश्री ( एक ऐसे महापुरुष जो कलयुग में भी सबका भला चाहने  वाले , 

निः स्वार्थ भाव से सबको बराबर नजर से देखने वाले ) के सफर पर लेकर चलता हूँ ,उनकी जीवनीके बारे लिख रहा हूँ जो की मैंने एक किताब कड़वे प्रवचन से लिया है।

मुनिश्री तरुणसागर जी : एक सफर
मुनिश्री तरुणसागर जी : एक सफर

संसार में प्रत्येक जिव में परमात्मा बनने की शक्ति है।  परमात्मा बनने के लिए आत्मा को विशुद्ध करने की आवश्यकता है और मुनिश्री तरुण सागर जी के प्रवचन रूपी मन्त्रों से आत्मा विशुद्ध करने का सरलतम मार्ग है।

– जगतगुरु कर्मयोगी चारुकीर्ति भट्टारक स्वामीजी।

 

मुनिश्री तरुणसागर जी : एक सफर

              जन्म – 26 जून , 1967

             गहुँचि , जिला – दमोह , मध्य प्रदेश

             बागी दौरा , जिला-बांसवाड़ा , राजस्थान।

             दीक्षागुरु -आचार्य श्री पुष्पदन्तसागर जी

    • 13 वर्ष की में जैन सन्यास।
    • 20 वर्ष की में दिगंबर मुनि दीक्षा।
    • 33 वर्ष की में लालकिले से राष्ट्र को सम्बोधन।
    • 35 वर्ष की में राष्ट्र संत की पदवी से नवाजे गए।
    • 37 वर्ष की उम्र में गुरु-दीक्षा देने की नई परम्परा की शुरुआत की।
    • 38 वर्ष की में भारतीय सेना को सम्बोधन व सेना द्वारा गॉर्ड ऑफ़ ओनर का सम्मान मिला।
    • 39 वर्ष की में राजभवन (बंगलौर ) में अतिविशिष्ट लोगों को सम्बोधन
    •  40 वर्ष की में अस्वस्थ होने पर भी ( 18 sep ,07 कोल्हापुर ) मुनि पद पर रहने का ऐतिहासिक निर्णय।
    • 43 वर्ष की में आर.एस.एस. के मुख्य पथ संचलन ( नागपुर ) में सम्मिलित स्वयंसेवकों सम्बोधन व मुख्यमंत्री निवास ( रायपुर ) पर प्रवचन।
    • 44 वर्ष की में मध्य प्रदेश विधानसभा (27 जुलाई 2010 ) व मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री निवास पर सम्बोधन।
    • 45 वर्ष की में गिनिज वर्ल्ड रिकार्ड्स ( 2 अक्टूबर 2012 ,अहमदाबाद ) एवं 28 अगस्त 2012 को ही लिम्का बुक रिकार्ड्स में नाम दर्ज।
    • 46 वर्ष की में 2500 वर्ष के जैन इतिहास में पहली बार दिगंबर व स्वेताम्बर मुनियों का संयुक्त चातुर्मास ( जयपुर 2013 )
    • 47 वर्ष की में 14 वर्ष के पश्चात डायमंड बुक्स द्वारा 14 भाषाओँ में संयुक्त बहुचर्चित कृति कड़वे-प्रवचन का प्रकाशन।
  • 49 वर्ष की उम्र में ( 15 मार्च 2016 मुख्यमंत्री निवास दिल्ली पर सम्बोधन एवं आर्ट ऑफ़ लिविंग के कार्य कर्म ( 12 मार्च 2016 ) में दुनिया भर के 2000 शीर्षस्थ संतों में मध्य अग्रणीय।
  • 49 वर्ष की उम्र में ( 26 अगस्त 2016 ) हरियाणा विधानसभा को सम्बोधन।

धन्यवाद ,

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