लक्ष्य की विशेषताएँ

लक्ष्य की विशेषताएँ -लक्ष्य में निम्न गुण होने चाहिए ताकि लक्ष्य को साकार करने में मदद मिल सके । ताकि लक्ष्य को कोई भी ऐसी ग़लती ना हो





 

  1. बड़ा – लक्ष्य बड़ा होना चाहिए जिससे की हमें प्रेरणा मिलती रहे । ऊँचा लक्ष्य नहीं होगा तो कार्य करने के प्रेरणा नहीं मिलेगी । छोटा लक्ष्य व्यक्ति को प्रेरित नहीं कर पाता है ।

  2. उत्साहवर्धक – लक्ष्य हमें उत्तेजना देने वाला होना चाहिए व्यक्ति के मन की प्रफुल्लता बड़ा सके । लक्ष्य के प्रति एकाग्रता बढ़ाने के लिए आकर्षक और मज़ेदार होना आवश्यक है ।

  3. विसिष्ट- लक्ष्य को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना बहुत ज़रूरी है ।

  4. मापने योग्य – लक्ष्य को हमेशा मापने योग्य , आदि अंकों में रखें , ताकि उसे मापा जा सके ।मुझे धन कमाना है के बजाय मुझे पचास लाख कमाने हैं ।

  5. प्राप्ति योग्य – लक्ष्य अपनी सीमाओं में रहते हुए बनाएँ , ताकि आप संसाधनों से प्राप्त कर सकें , हवाई , काल्पनिक व बहुत अव्यवहारिक लक्ष्य ना बनाएँ । कहा जाता है की – आपका दिमाग़ जिस चीज को कन्सीव कर सकता है आप उस चीज़ को अचिव कर सकते हैं ।




  6. तार्किक – लक्ष्य का कोई आधार होना चाहिए । जो लक्ष्य हम तय करें उसे प्राप्त कर सकने की हमारी क्षमता, समझ व अवसर मिलने की सुविधा होना चाहिए । लक्ष्य तय करते वक़्त स्वयं को अपने कारणों को खोज लेना चाहिए की उक्त लक्ष्य को इन परिस्थितियों में प्राप्त कर लूँगा ।

  7. समय सीमा – लक्ष्य निर्माण करते वक़्त उसको प्राप्त करने में लगने वाले समय की सीमा ज्ञात होनी चाहिए । समय की योजना हो इस समय में इस प्रकार इसे साकार किया जा सकता है ।

यदपी इस सीमा को परिस्तिथि अनुसार परिवर्तित किया जा सकता है । लेकिन समय की सीमा रखना ज़रूर चाहिए । प्रत्येक व्यक्ति को अपने लक्ष्य स्पष्ट करने हेतु लिखना चाहिए व साथ ही उपरोक्त दिए गए सातों सूत्र से उसकी जाँच भी करनी चाहिए ताकि आप आसानी से आगे बढ़ सकें ।

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