लीडर के अनिवार्य २१ गुण  आज का पोस्ट मैंने लिया लेखक जॉन सी मैक्स्वेल के शानदार किताब लीडर के 21 महत्वपूर्ण गुण ।

 

 

चरित्र – चट्टान की तरह दृढ़ बनें – क्या आपने देखा है की बहुत से प्रतिभाशाली लोग एक निश्चित स्तर की सफलता हासिल करने के बाद अचानक से धड़धड़ाकर गिर गए ? इसका मूल कारण चरित्र है ।

ज़िंदगी में बहुत सी चीज़ों पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता । हम माता- पिता को चुन नहीं सकते । हम अपने जन्म और परवरिश की जगह नहीं चुन सकते हैं , हम अपनी प्रतिभा और आइक़यू को नहीं चुन सकते लेकिन हम अपने चरित्र का चुनाव ख़ुद करते हैं ।


जादू
: पहली छाप से कामयाबी मिल सकती है । जादू का मतलब है लोगों को अपनी ओर आकर्षित करना । दूसरों को आकर्षित करने वाला व्यक्ति बनने के लिए इन सूझाव पर अमल करना चाइए –

 

१ जीवन से प्रेम करें ।

२ हर व्यक्ति को १० नम्बर दें ।

३ लोगों को आशा दें ।

४ स्वयं को बाँटें ।

 

मुझे आजतक ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं मिला , चाहे उसका पद कितना भी ऊँचा क्यूँ ना हो , जिसने आलोचना के बजाय प्रसंशा के माहौल में बेहतर काम या ज़्यादा प्रयास ना किया हो ।

– चार्ल्स स्वाब , उद्योगपति ।

 

समर्पण :- यही कर्मठ लोगों को स्वप्नदर्शियों से अलग करता है । लोग उन लीडरस का अनुशरण नहीं करते , जो समर्पित नहीं होते । समर्पण बहुत सी बातों से झलक सकता है । जैसे हि आप अपनी योग्यताओं को बेहतर बनाने के लिए किस तरह काम करते हैं या अपने साथियों के लिए कितना त्याग करते हैं ।




संवाद :- इसके बिना आप अकेले ही यात्रा करते हैं । लीडर को अपना ज्ञान और विचार दूसरों तक पहुँचाने में समर्थ होना चाइए , ताकि वह उन्हें उत्साहित कर सके और महत्वपूर्ण अनुभव करा सके ।

 

योग्यता :- यदि आप योग्य हैं , तो लोग आएँगे । योग्यता का अर्थ लीडर के रूप में इस तरीक़े से बोलना , योजना बनाना और कार्य करना है , ताकि दूसरों को दिख जाए की आपको उस काम का पूरा पूरा ज्ञान है और वे आपका अनुशरणकरने लग जाए ।

 

साहस :- अकेला साहसी व्यक्ति भी बहुमत में होता है । साहस एक आंतरिक युद्ध से सुरु होता है । आप लीडर के रूप में जिस भी परीक्षा का का सामना करते हैं , वह हर परीक्षा आपके भीतर से सुरु होता है । साहस की परीक्षा भी अलग नहीं है । मनोचिकित्सक शेलडन कोप ने कहा है – सभी महत्वपूर्ण युद्ध मनुष्य के भीतर लड़े जाते हैं ।साहस डर का अभाव नहीं है यह तो उस काम को करना है , जिसे करने से आपको डर लगता है ।


विवेक
:- अनसुलझे रहस्यों को सुलझाए ।

एकाग्रता :- यह जितनी पैनी होती है , आप भी उतने ही पैने होंगे । यदि आप दो ख़रगोशों का पीछा करेंगे , तो दोनो ही बचकर भाग निकलेंगे ।


– अज्ञात ।

उदारता :- जब आपका दीपक किसी दूसरे दीपक को रोशन करता है , तो आपके दीपक को कोई नुक़सान नहीं होता है । पाने के लिए आज तक किसी को भी सम्मानित नहीं किया गया । सम्मान हमेशा उसी को मिलता है , जिसने कुछ दिया है ।

– कैलविन कलिज , अमेरिकी राष्ट्रपति

 

पहल शक्ति :- इसके बिना आप घर से बाहर क़दम नहीं रख सकते । अवसर आपके चारों ओर है बस उसे आपकी पहल की ज़रूरत है ।

 

सुनना :- लोगों के दिल से जुड़ने के लिए अपने कानों का प्रयोग करें । एक अच्छा लीडर अनुयायियों को वह सब बताने के लिए प्रोत्साहित नहीं करता है, जो सुनना चाहता है । इसके बजाय वह तो उन्हें वह बताने के लिए प्रोत्साहित करता है , जो वह जानना चाहता है ।

– जॉन सी मैक्स्वेल ।

जोश
:- जीवन से प्रेम करें । जब कोई लीडर किसी से जोश के साथ मिलता है , तो बदले में प्रायः उसे जोश ही मिलता है । हल्की फूलकी कोसिस तो कोई भी कर सकता है , लेकिन जब वह प्रबल इक्षा आपके ख़ून में उबाल ले आती है , तो फिर लोगों के लिए आपको रोक पाना बहुत मुश्किल हो जाता है । जोश उपलब्धि की ओर पहला क़दम है ।


सकारात्मक नज़रिया
:- अगर आपको यक़ीन है की आप कर सकते हैं तो आप सचमुच कर सकते हैं । मेरी पीडी की महानतम खोज यह है की अपने मानशिक नज़रिए को बदलकर मनुष्य अपना जीवन बदल सकता है ।


समस्या सुलझाना :- अपनी समस्या को संकट में ना बदलने दें । आप किसी भी लीडर के स्तर को उसके द्वारा सुलझाई जाने वाली समस्याओं से नाप सकते हैं । वह हमेशा अपनी आकार की समस्या की तलाश करता है ।

 

सम्बंध :- यदि आप चलते हैं , तो वे आपके साथ- साथ चलते हैं । लोगों को यह परवाह नहीं होती की आप कितना जानते हैं , जब तक वे यह ना जानते हों की आपको उनकी कितनी परवाह है ।

 

ज़िम्मेदारी :- यदि आप ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं कर सकते हैं , तो आप अपने टीम का नेतृत्व नहीं कर सकते हैं । किसी भी बड़ी सफलता के लिए यह आवस्यक होता है की आप ज़िम्मेदारी स्वीकार करें ……. अंतिम विश्लेषण में , सभी सफल लोगों में यह गुण होता है की उनमें ज़िम्मेदारी लेने के लिए की योग्यता होती है । एक लीडर कुछ भी छोड़ सकता है सिवाय अंतिम ज़िम्मेदारी के ।

 

सुरक्षा :- दक्षता कभी भी असुरक्षा के भाव की भरपाई नहीं कर सकती । यदि आपको लोगों की ज़रूरत है , तो आप लोगों का नेतृत्व नहीं कर सकते हैं । वह व्यक्ति कभी महान लीडर नहीं बन सकता , जो सारा काम खुदकरना चाहता है या उसे करने का सारा श्रेय ख़ुद लेना चाहता है ।

 

आत्मनुशासन :- आप जिस पहले व्यक्ति का नेतृत्व करते हैं , वह आप स्वयं हैं ।ख़ुद पर विजय सर्वप्रथम और सर्वश्रेष्ठ जीत है ।

 

सेवा भाव :- आगे पहुँचने के लिए दूसरों को पहले स्थान पर रखें । सच्चा लीडर सेवा करता है । लोगों की सेवा । उनके सर्वश्रेष्ठ हितों की सेवा । ऐसा करके हमेशा के लिए लोकप्रिय नहीं हो जाता , हमेशा प्रभावित नहीं कर पाता । लेकिन चूँकि सच्चे लीडर व्यक्तिगत प्रशंसा की इक्षा के बजाय प्रेमपूर्ण परवाह की भावनाएँ प्रेरित होते हैं । इसलिए वे क़ीमत चुकाने के लिए तैयार रहते हैं ।

 

सिखने की योग्यता :- नेतृत्व करने के लिए सिखते रहें । यह मान लें की सुनने और पड़ने में बिताया गया समय बोलने वाले पलों से लगभग दस गुणा ज़्यादा मूल्यवान होता है । इससे आपको यक़ीन हो जाएगा की आप सिखने और आत्म-सुधार के मार्ग पर निरंतर अग्रशर हैं ।



धन्यवाद दोस्तों उम्मीद करते हैं की लीडर के अनिवार्य 21 गुण ये पोस्ट पसंद आया होगा । अगर आपको अच्छा लगा हो तो प्लीज़ शेयर और लाइक करना ना भूलें

positive shareing
1Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Name *
Email *
Website

Translate »