सक्सेस सिंड्रोम क्या है-TIPS IN HINDI FOR NETWORK MARKETING

आपका बहुत-बहुत  स्वागत है KADVEPRAVACHAN.COM पर। आज के पोस्ट में एक बहुत महत्वपूर्ण विषय बात करने वाले हैं ये है – सक्सेस सिंड्रोम क्या है ,

इसके बारे में बता रहा हूँ बहुत सारे लोग एक सीढ़ी सफलता के चढ़ने के बाद उनमें सक्सेस सिंड्रोम आ जाता है ।

एक छोटी सी सफलता पाने के बाद वो सब भूल जाते हैं ,भूल जाते हैं की उनका बेसिक काम क्या है ?

लेकिन एक सर्वे के अनुसार -अगर आप साल में एक करोड़  नहीं कमाते हैं तो इस दुनिया में आप 2 करोड़ लोगों से 200 साल पीछे हैं।अभी बहुत मेहनत करने की जरुरत है।

 

सक्सेस सिंड्रोम क्या है –  सक्सेस सिंड्रोम से बचिए -नटवर्क मार्केटिंग में जितना कठिन है सफलता पाना है , मुश्किल उस सफलता को संभाल पाना है।

धन को कमाना जितना कठिन है ,उस से कहीं ज्यादा मुश्किल उस धन को सहेज कर रखना है।

धन को गवां देने की इसी प्रक्रिया को सक्सेस सिंड्रोम कहा जाता है। जब आप धन गवां देते हैं ,

उसी वक़्त अपना सम्मान ,साथी ,आत्मविश्वास और अपने सपनों को भी खो देते हैं।

पैसा आने उसका सही इस्तेमाल होना जरुरी है ,अगर आपका कोई सपना था उसके लिए पैसे खर्च करें। जिससे आपकी टीम के लिए मोटिवेशन बनेगा।

कहते हैं की पैसा और सम्मान देसी घी है ,सब हजम नहीं कर पाते हैं ,जिसने हजम कर लिया वो समझो सफलता  प्राप्त लेता है।

सफलता के लिए 10 महामंत्र

गलत चक्कर में फंस जाते हैं। वो कर्डिनल नल रूल को तोडना सुरु कर देते हैं।

सक्सेस सिंड्रोम जब हावी होते है , तो आप पूरी तरह शून्य हो जाते हैं।

धिरे-धिरे लोग इनका साथ छोड़ना सुरु कर देते हैं। लोग इनकी बात नहीं मानते हैं ,इनको जब तक समझ आता है देर हो चूका होता है।

लेकिन दोस्तों ,आपको याद रखना होगा की हमें सक्सेस सिंड्रोम के चक्कर में नहीं आना है बल्कि वो काम जरुरी है उसे करना है।

अपना बेसिक काम करते करना चाहिए ,

 

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