सीखते रहने का गुण विकशित करें

सीखते रहने का गुण विकशित करें-सफलता के लिए चौथा महामंत्र है सीखते रहें। सतत सिखने की आदत जिंदगी में हर पल कुछ ना कुछ घटता है ,हर पल एक नया अनुभव देता है। इन अनुभवों से कितना कुछ सीखा जा सकता है।

 

 

जिंदगी में हर लम्हा कुछ न कुछ सिखाती है ,

हर तजुर्बे से नयी उम्मीद यह जगाती है ,

आपको हर पल सिखने का हुनर गर आ  जाये ,

फिर हर पल नए करिश्मे जिंदगी दिखाती है। 

 

 

आज आप अपनी जिंदगी में जिन्हें भी सफल रूप में देख पा रहे हैं वो कहीं न कहीं अलग-अलग प्रवेश से आये होंगे ,आज वो सक्सेस हुए ऐसा नहीं की उन्हें जन्म से उन्हें उस काम का तज़र्बा था। जिनमें भी सिखने ललक  होता है उनमें जोश उमंग भर जाता है और वो जिंदगी के मनचाहे सेक्टर में सफल हो जाते हैं।

 

एक ज्ञानी पुरुष थे उनके पास एक व्यक्ति आये और उनसे पूछा -महाराज  मैं जानना चाहता हूँ की मानव शरीर का क्या मोल (कीमत ) है ? तब उस ज्ञानी पुरुष ने एक पत्थर दिया उस व्यक्ति को और बोला की जाओ पहले इस पत्थर की कीमत पता करके आ जाओ फिर मैं बताता हूँ मानव शरीर की कीमत।

 

 

वो सबसे पहले पत्थर लेकर पहुंचा सब्जी वाले पास उसने उस सब्जी वाले से पूछा इस पत्थर की कीमत क्या है ? तब उस सब्जी वाले कहा की मुझे तो इसकी नहीं पता लेकिन मैं इसके बदले आपको एक किलो आलू दे सकता हूँ। तब उस व्यक्ति ने कहा -नहीं मुझे बेचना नहीं है इसे बस इसकी कीमत जानना है।

वह आगे बड़ा तो उसे एक फल वाला मिला और जब उस से पूछा उस पत्थर की कीमत तो उसने बोला – तुम चाहो तो मैं इस पत्थर के एक दर्जन केला दे सकता हूँ।

 

वह आगे बड़ा और एक जोहरी एक पास गया और उसने पत्थर देख कर कहा-तुम चाहो तो इस पत्थर के बदले मैं तुम्हे एक करोड़ दे सकता हूँ। लेकिन उस व्यक्ति ने बोला -नहीं इसे बेचना नहीं है बस इसकी कीमत जानना है।

 

फिर वह व्यक्ति उस पत्थर को लेकर जा पहुंचा उस शहर के सबसे आमिर व्यक्ति के पास गया और उसने उसे पत्थर दिखाकर पूछा इसकी कीमत।उस आमिर व्यक्ति ने पत्थर देखकर उसे सबसे पहले प्रणाम किया और बोला की तुम चाहो तो मैं इस पत्थर के बदले मैं पूरा साम्रज्य ,पूरा धन दे दूंगा क्यूंकि इस पत्थर की कीमत तो अनमोल है। तब उस वयक्ति ने आमिर व्यक्ति को कहा – नहीं मुझे बेचना नहीं है मुझे बस इसकी कीमत का पता करना है।

 

फिर वो व्यक्ति उस ज्ञानी पुरुष के पास जाकर सारी कहानी सुनाई तब उस ज्ञानी पुरुष ने कहा – बेटा ! इस पत्थर कीमत की तरह भी तुम्हारा शरीर भी अनमोल है तुम चाहो तो इसे एक किलो आलू के भाव ,चाहे एक दर्जन केला के भाव बेचो चाहे इसे एक करोड़ में बेचो ,मर्जी तुम्हारी है क्यूंकि सच तो यह है की मानव शरीर की कीमत अनमोल है।

 

सीखते रहने का गुण विकशित करें

 

 

सफलता के लिए 10 महामंत्र

1.विस्वास करना सीखें

2.आत्मछवि

3.दूसरों  के साथ आपका रिश्ता

4.सीखते रहने का गुण विकशित करें

5.कल्पना शक्ति को पहचान

6.हमेशा लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें

7. अपना रोल मॉडल सावधानी से चुनें

8. सकरात्मक सोंच

9. जिम्मेदारी लेना सीखें

10. जो बनना चाहते हैं वैसा महसूस करें

 

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