हार को जीत में कैसे बदलें ? - सात सिद्धांत

हार को जीत में कैसे बदलें ? – सात सिद्धांत

हार को जीत में बदलने के सात सिद्धांत- दोस्तों आज के पोस्ट में आप पढ़ेंगे की हार की जीत में कैसे बदलें ।

हार को जीत में कैसे बदलें ? - सात सिद्धांत
हार को जीत में कैसे बदलें ? – सात सिद्धांत

सफलता का जश्न मनाना अच्छी बात है , लेकिन असफलता से मिले सबक़ पर ध्यान देना ज़्यादा महत्वपूर्ण है ।

-बिल गेट्स ।

हार को जीत में बदलने के सात सिद्धांत-

1 असफलता का अध्ययन करें

आप क्यूँ असफल इसका उत्तर बाहर खोजने के बजाय एक बार खुद से करें सवाल ।
अपनी ग़लतियों और कमज़ोरियों को खोजें । फिर उन्हें सुधार कर आगे बढ़ें ।
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2. रचनात्मक आलोचक बनने का साहस

अपने खुद के रचनात्मक आलोचक बनने का साहस रखें ।
अपनी ग़लतियों और कमज़ोरियों को खोजें और दूर करें ।

अपनी आलोचना कोई पसंद नहीं करता है ,
लेकिन ईमानदारी से की गई आलोचना को अपनाने से हमें सिख मिलती है और हमारा विकाश होता है ।

3. हार को जीत में बदलने के लिए क़िस्मत  को दोष देना बंद करें

हर असफलता पर क़िस्मत को दोष देना बंद कर दें , इसका विश्लेषण करें ।
यह पता लगाएँ की गलती कहाँ हुई है थी ?
याद रखें , तक़दीर को दोष देने से कोई आदमी वहाँ नहीं पहुँचा है ,
जहां उसे पहुँचना था ।

4. प्रयोगशिल बने –

लगनशीलता के साथ प्रयोगशीलता का समन्वय करें ।
अपने लक्ष्य को बनाएँ रखें , परंतु पत्थर की दिवार से अपना सर ना टकराते रहें ।प्रयोगशिल बनें ।

यदि हम अपने काम में लगे रहेंगे तो तो एक दिन सफल ज़रूर हो जाएँगे ।

काम नहीं तरीक़ा बदलें , आप देखें कि  आप जिस काम में असफल हुए है क्या उसमें कोई सफल हुआ है ?

जब कोई और हो सकता है तो आप भी ।

बस तरीक़ा बदलकर देखें । प्रयोग करें ।

5. हार को जीत में बदलने के लिए

अच्छा पहलू खोजें

याद रखें , हर स्थिति का एक अच्छा पहलू भी होता है ।

उसे खोजें , अच्छे पहलू को देखें और आपका एक बार फिर उत्साह से भर जाएँगे ।
याद रखें कि ईश्वर ने हम सबको बनाया है और वो हमें जितने के लिए बनाएँ है ।

आपकी प्रस्थिति में वही देखते हैं जो हम देखना चाहते हैं ।

वो हमें हारते हुए देखना नहीं चाहते हैं ।

 

सारी सम्पत्ति मस्तिष्क में रहती है ।आपका मानसिकता का नज़रिया ही अमीरी या ग़रीबी को तय करता है ।

दौलत के बारे में सोंचेंगे ,तो दौलत मिलेगी ।ग़रीबी के बारे में सोंचेगे तो ग़रीबी मिलेगी ।

– जोसेफ मर्शी ।

6. कर्म की आदत को बढ़ावा दें

कर्मठ बनिए । काम टालने वाला नहीं । पहल करिए क़र्म करने में । अपने समय का सदुपयोग करें ।
याद रखिए कि केवल विचारों से सफलता नहीं मिलती है ।

विचारों का मूल्य तभी है जब आप इस पर अमल करें ।

 

भाग्य ? मैं भाग्य के बारे में कुछ नहीं जानता ।मैंने इस पर कभी भरोसा नहीं किया , और जो लोग इस पर ऐतबार करते हैं ,मुझे उनसे डर लगता है ।मेरे लिए भाग्य का मतलब है की कड़ी मेहनत , और अवसर की पहचान ।

– लूषील बॉल

 

अगर लोगों को यह पता लग चल जाता की कुशलता को प्राप्त करने में मुझे कितनी मेहनत करनी पड़ी है तो उन्हें मेरा काम बिलकुल आश्चर्यजनक ना लगता ।

– माईकेलोएंजल ।

7.लक्ष्य बनाएँ

दोबारा लक्ष्य एक नया लक्ष्य बनाएँ ।

फिर से एक लक्ष्य बनाएँ । लक्ष्य सफलता के लिए उसी तरह ज़रूरी है जिस तरह जीवन के लिए हवा ।

कोई भी बिना लक्ष्य के सफल नहीं हुआ है ।

 

छोटे लक्ष्य बनाएँ आऊँ छोटि उपलब्धियों की उपेक्षा करें । बड़े लक्ष्य बनाएँ और बड़ी सफलता हासिल करें ।

– डेविड जे. स्वॉर्टज ।

 

निवेदन – आपसे निवेदन है अगर यह पोस्ट – हार को जीत में कैसे बदलें ? – सात सिद्धांत- अच्छी लगी हो तो कॉमेंट बॉक्स ज़रूर कॉमेंट करें ।

धन्यवाद दोस्तों ।

 

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