सफलता के निश्चित नियम होते हैं

सफलता के निश्चित नियम होते हैंसफलता के  लिए केवल  तीन चीजें जरुरी हैं। सबसे पहले तो तय करें की आप जीवन में सचमुच क्या चाहते हैं दूसरी यह तय करें की  आप अपनी मनचाही चीजों को प्राप्त करने के लिए  कीमत चुकाने लिए तैयार हैं ,तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण चीज ,उस कीमत को चुकाने का संकल्प करें।

शून्य से शुरू करना 

 अमेरिका के लगभग सभी अमीर लोग पहली पीढ़ी के अरबपति हैं ,जैसे बिल गेट्स ,वारेन वफ़ेट ,लैरी एलिसन ,;माइकल डेल और पॉल एलेन। 

80 प्रतिसत ;लखपतियों और  करोड़पतियों ने बहुत कम पैसे से अपने कैरियर की शुरू किया , शुरुआत में वे अक्सर कड़के रहे और कई बार तो वो क़र्ज़ में गले तक  डुबे रहे। 

अपनी पुस्तक द मिलिनेयर नेक्स्ट डोर में थॉमस स्टेनले और विलियम डेंको ने 500 करोड़पतियों के इंटरव्यू लिए और 25 साल से अधिक समय तक 11000 लोगों का सर्वेक्षण किया। 

उन्होंने उनसे पूछा की आखिर आर्थिक स्वतंत्रता कैसे प्राप्त कर ली ,जबकि उनके जैसी ही प्रस्थतियों में रहने वाले अधिकांश लोग अब भी संघर्ष कर रहे रहे हैं। 

 करोड़पतियों की इस नई पीढ़ी के 85 प्रतिसत लोगों का जवाब था ” मेरे पास दूसरों से ज्यादा बेहतर शिक्षा या ज्यादा बुद्धि तो नहीं थी ,लेकिन मुझमें बाकि लोगों से ज्यादा कड़ी मेहनत करने की इच्छा थी। 

नोट – कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी है और इसके लिए आत्म-अनुसासन अनिवार्य है। 

सफलता का एक और सिद्धांत यह है -जिस चीज को आपने पहले कभी  प्राप्त नहीं किया उसे प्राप्त करने के लिए आपको ऐसे गुण और योग्यतयें सीखनी पड़ेगी ,जो आपमें पहले कभी नहीं था। 

सफलता के निश्चित नियम होते हैं-आज आप इतने सफल क्यों नहीं हैं ,जितना की होना चाहते हैं ? और कौन सा अनुसासन है ,जिससे आपको अपने सभी लक्ष्य प्राप्त करने में सबसे ज्यादा सहयता मिलेगी ? 

दूसरे आपसे जितनी उम्मीद करते हैं ,उससे ऊँचे पैमाने पर अपना मूल्याँकन करें ,कभी बहाने न बनायें। कभी भी खुद पर दया न करें। अपने प्रति कठोर और बाकि सबके प्रति दयालु रहें। 

सफलता के निश्चित नियम होते हैं-सफलता संयोग से नहीं मिलती। दुर्भाग्य से असफलता भी संयोगवस नहीं मिलती। आप सफल तब होते हैं ,जब आप सफल लोगों जैसे काम तब तक बार-बार करते हैं ,जब तक की आपको इसकी आदत ना पड़ जाती है।

इसी तरह आप असफल तब होते हैं ,जब आप सफल लोगों जैसे काम नहीं करते हैं। दोनों ही प्रस्थति में प्रकृति न पक्षपात करती है और न परवाह करती है। आपके साथ जो होता है ,वह सिर्फ नियम का  है-कारण और परिणाम के नियम का। 

 

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