Arnold Alois Schwarzenegger-अर्नोल्ड की जीवनी

आज के पोस्ट में ऐसे व्यक्ति विशेष के बारे में मैं बताने जा रहा हूँ ,Arnold Alois Schwarzenegger की जीवनी ।

Arnold Alois Schwarzenegger- अलग लिक पर चलने की कहानी ।

जिन्होंने लीक से हटकर काम किया और आज वो सफलता की नई ऊँचाई पर हैं , आज वो कइयों के रोल- मॉडल हैं। मिस्टर अर्नोल्ड स्वरजेनेगर ।

उनका बचपन

उनका जन्म 30 जुलाई 1948 को हुआ था । उनके पिता एक पोलीस ऑफ़िसर थे । अर्नोल्ड एक कथोलिक परिवार में पले-बड़े । जो की हर रविवार को मास ( Mass) अटेंड करते थे ।

जब वो छोटे थे तो कई गेम खेलते थे । लेकिन पहली बार उन्होंने बारबेल को पकड़ा था 1960 में जब उनकी आयु 15वर्ष की थी उनके फ़ुट्बॉल कोच लेकर गए थे पहली बार जिम ।

उनके पिता चाहते थे की अर्नोल्ड बड़े होकर पुलिस बने

उनके पिता चाहते थे की अर्नोल्ड बड़े होकर एक पोलिस ऑफ़िसर बने और उनकी माँ चाहती थी बड़े होकर मेरा बेटा एक शिक्षक बने ।

पिता से छिप-छिपाकर जिम जाते थे –

उन्होंने कई बार अपने पिता से जिम जाने के कारण कई बार पिटे भी थे । वो अपने पिता से छुप-छुपाकर कर जिम जाया करते थे ।

पिता से बहुत मार खाते थे –

वो अपने बायआग्रफ़ी में कहते हैं की ” जब मेरे पिता मेरे बाल को पकड़ कर खिंचते थे और अपने बेल्ट से मारते थे , तो मुझे बुरा नही लगता था और कभी नहीं लगा की बॉडीबिल्डलिंग छोड़ दूँ।

वहीं मैं देखता हूँ और बच्चों को थोड़ा सा विरोध क्या होता है मम्मी- पापा या समाज का लोग अपने पैशन, शौक़ को छोड़ देते हैं ।

अगर मार खाने के बाद वो जिम छोड़ देते तो ?

अगर मैं भी छोड़ देता जिम को आज जो हूँ वो कभी नहीं बन पाता । वो कहते हैं कभी भी ज़िंदगी में आपको कुछ पाना है तो आपको अपने लीक से हटकर चलना चाइए , अलग रास्ता चुनिए , अपना रास्ता ख़ुद बनाइए । अपने आप पर बिस्वास करें ।

१९७५ में आर्मी में भर्ती हो गए थे

वो १९७५ में आर्मी में भर्ती हो गए थे और आर्मी के सर्विस के दौरान ही वो मिस्टर युरोप ( जूनीयर ) का ख़िताब जीता । वो कई बार मिस्टर ओलम्पिया रहे । पहली बार जब उन्होंने मिस्टर ओलम्पिया में हिस्सा लिया 1969 में सेकंड पज़िशन रहे फिर उन्होंने 1980 में अगले साल ही प्रथम आए मिस्टर ओलम्पिया में ।

वो कई बार मिस्टर ओलम्पिया बने ।

वो पहली बार बॉडी- बिल्डिंग के लिए मोटिवेट हुए थे बड़े पर्दे मूवी के कारण

 

सो उनकी वो मिस्टर ओलम्पिया बन्ने के बाद वो बड़े पर्दे पर अपना करियर बनाने के लिए निकल पड़े ।

सिनेमा में भी बहुत रिजेक्शन मिला

उन्हें वहाँ पे बहुत रिजेक्शन का सामना करना पड़ा क्यूँकि इतना बड़े शरीर वाले के साथ कोई हेरोयन काम करना नहीं चाहती थी , आज तक कोई ऐसा हीरो नहीं बना था ।

बड़े-बड़े डाइरेक्टरस ने सलाह दिया आप सिनमा के लिए नहीं हैं –

कई डाइरेक्टर के पास गए सबने उनको सलाह दिया की आपका शरीर हीरो के लायक नहीं है और आपका आवाज़ भी हीरो की तरह नहीं है ।

RELATED POST-

5 कहानियाँ जो आपकी जिंदगी बदल देगी

 

उनकी आवाज़ अजीब थी –

क्यूँकि उनकी आवाज़ बॉडीबिल्डिंग के कारण पूरी तरह बैठ गया था , और अजीब तरह से निकलता था ।पर वो ज़िद्दी थे

उन्होंने ठाना था की सबको ग़लत साबित करके रहूँगा , उन्होंने फिर मेहनत किया अपने आवाज़ और शरीर के अपर में ।

अपनी आवाज़ ठीक करने के लिए टूइशन लिया

बहुत मेहनत , टूइशन लिया आवाज़ ठीक करने के लिए । और लगातार डाइरेक्टर से मिलते रहे और उनको रिजेक्शन मिलता रहा ।

1990 में पहला मौक़ा मिला

आख़िरकार एक दिन उनको कामयाबी मिली 1990 में HERCULES मूवी में रोल मिला ।

और फिर उन्होंने पलट कर नहीं देखा आज वो दुनिया के सबसे महँगे फ़िल्मस्टार के रूप में जाने जाते है ।उन्होंने अपना मुक़ाम बनाया ।

वो रिपब्लिक पार्टी से जुड़े और अमेरिका के एक शहर के मेयर भी बनें ।

आप कोई भी चीज़ पाने के लिए ठान लेते हैं तो पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने की साज़िश रचती ।
हिम्मत ना हारें और विरोध से ना डरें , प्राकृत अंततःन्याय करती ।

धन्यवाद दोस्तों ,
उम्मीद करता हूँ की आपको मेरा ये Arnold Alois Schwarzenegger-अर्नोल्ड की जीवनी पोस्ट  पसंद आया होगा । अगर अच्छा लगा हो तो प्लीज़ लाइक और शेयर करना ना भूलें ।

1 thought on “Arnold Alois Schwarzenegger-अर्नोल्ड की जीवनी”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *