वजन घटाने के लिए विज्युलाइजेशन

 

वजन घटाने के लिए विज्युलाइजेशन


आप इसे विज्युलाइजेशन  दौरान जब आप अल्फा लेवल पर जाकर यह स्क्रिप्ट जो निचे दिया जा रहा है उसे आप मन में दोहराएं। विज्युलेशन बहुत ही प्रभावकारी होता है। आप विज्युलाइजेशन  सुबह या शाम में कर सकते हैं। या फिर आप सफर के दौरान भी कर सकते हैं। आज विज्युलाइजेशन वजन घटाने के लिए है।

 

मेरे सामने आइना है। आईने में,मैं दीखता हूँ। वाह ! वाह ! वाह ! किसी कितने आश्चर्य की बात है। किसी समय  मानना था की मेरा वजन घट नहीं सकता है लेकिन आज वास्तविकता मेरे सामने है ,उपयुक्त वजन के साथ मेरा शरीर आईने में दिख रहा है।

पेट ,कमर, कंधे ये सभी जितने होने चाहिए थे एक सामन्य वजन के मुताबिक ही हैं। मैं अपने पैरों के निचे वजन का कांटा देख सकता हूँ मेरा वजन उतना ही दिखाई दे रहा है जितना मेरे उम्र और आयु के हिसाब से होना चाहिए था।  वजन तोलने की मशीन में कांटा स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

 

( कुछ समय के बाद ) मैं अपने काम में व्यस्त हूँ ,मेरा काम बहुत स्फूर्ति से कर रहा हूँ। शीघ्रता से और स्फूर्ति से काम करने में आनंद आ रहा है। मेरा शरीर बिलकुल नया और बिलकुल हल्का महसूस हो रहा है। मेरा वजन कम होने से काम की गति भी बढ़ गई है।

लोग मेरे सामने से मेरे शरीर की तारीफ कर रहे हैं और मुझसे पूछ रहे हैं की आखिर आपने वजन घटाया कैसे ? मैं उन्हें संतोषजनक उत्तर दे रहा हूँ।

वजन घटने के कई महीनो बाद भी मेरा वजन स्थिर है।

अब मुझे ऐसा भोजन ही अच्छा लगता है जो मेरे आदर्श वजन को संभल सके। मैं इतनी खुराक लेता हूँ जिससे मेरा आदर्श वजन कायम रहे।वजन घटने के कारन मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।

लोगों का मेरे प्रति दृष्टिकोण बदल गया है। मुझे परिवार ,मित्रों और सम्भान्धियों की ओर से प्रसंशा मिल रही है।मैं कसरत,योग प्राणायाम आदि नियमित रूप से करता हूँ। मुझमें जब्बरदस्त ऊर्जा है इसकी मुझे अनुभूति हो रही है।मैं बहुत खुस हूँ ,बहुत खुस हूँ।

 

विज्युलाइजेशन-वाला पोस्ट उम्मीद करते हैं की आपको पसंद आया होगा।

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आप किस श्रेणी के हैं

आपको ईमानदारी से सोचना है कि आप किस श्रेणी में हैं और भविष्य में आप किस श्रेणी में जाना चाहते हैं ।




 

तीन भाई पढ़ाई के बाद नौकरी के लिए शहर चले गए । संयोगवश तीनों को एक ही कम्पनी में नौकरी लग गई ।

 

कुछ दिनो के बाद जब उनके पिता गाँव से फ़ोन किया और तीनों पुत्रों की सैलरी पूछी । बड़े ने कहा – तीस हज़ार , मँझले भाई ने कहा – चालीस हज़ार , और सबसे छोटे भाई ने कहा – साठ हज़ार ।

पिता चकित हो गए क्यूँकि तीनों के पास एक ही डिग्री , एक ही कॉलेज से निकले थे और संयोगवश कम्पनी भी तीनों को एक हि मिली फिर सैलरी में इतना फ़र्क़ कैसे ?

अगले दिन वो गाँव से शहर आ गए और कम्पनी के मैनेजर से इसका कारण पूछा । तब मैनेजर ने कहा मैं आपको बताऊँगा नहीं आप स्वयं ही इसका कारण देखें ।

कम्पनी का मैनेजर ने बड़े पुत्र को बुलाया और कहा – पास ही समुद्र में एक जहाज़ में कुछ माल है , जिसकी नीलामी होने जा रही है ।तुरंत पता करो क्या माल है ? और यही कार्य अन्य दोनो भाइयों को दिया ।

सबसे बड़ा भाई १० मिनट बाद लौटकर चला आया और जानकारी दी कि जहाज़ में कपड़ा एर कुछ इलेक्ट्रोनिक सामान है । मैनेजर ने पूछा कैसे पता किया ? तब बड़े भाई ने कहा – मैंने अपने परिचित से फ़ोन करके पूछा है ।

मंझला भाई दो घंटे बाद लौटा उसने बताया जहाज़ में १०० टी॰वी॰ हैं , लगभग १० हज़ार मीटर कपड़ा है और ५०० कम्प्यूटर है । मैनेजर ने पूछा – टी॰वी॰चालू है या बंद । मंझले भाई ने कहा – मैंने इतने बारीकी से नहीं देखा ।

 

सबसे छोटा भाई शाम को लौटा उसने बताया – बॉस , जहाज़ में १०० टीवी हैं , जिसमें से ८० नए और बीस पुराने हैं और लगभग १० हज़ार मीटर कपड़ा है जो की ऊँचे दर्जे का सिल्क है । मैंने कुछ कपड़ा व्यापारियों से बात की है । वो हमें अच्छे भाव देने को तैयार हैं । पाँच सौ जापानी कम्प्यूटर हैं और पूरे नए हैं । मैं अपने साथ कुछ कम्प्यूटर साथ ले गया था वो लोग कम्प्यूटर हमसे ले लेंगे । हमारा पूरा माल निकल जाएगा । इस सौदे में लगभग १० लाख का मुनाफ़ा होगा । बेचने और ख़रीदने वाले तैयार हैं , बस आपका हाँ का इन्तज़ार है ।




इतना कहते ही मैनेजर ने मुस्कुरा कर पिता की ओर देखा । वहाँ बैठे पिता का उनके प्रश्न का जवाब मिल चुका था ।

संसार के अधिकांश लोग इन्हीं तीन श्रेणी में आते हैं । सबसे बड़े भाई वाली पहली श्रेणी वह है जिसे काम सौंपा जाए तो वह कभी ज़िम्मेदारी नहीं निभाता । इनसे काम करवाने के लिए इनके पीछे पड़ना पड़ता है ।

मँझले भाई वाली श्रेणी जितना कार्य सौंपा जाए बस उतना ही करते हैं । उसके आगे बिलकुल दिमाग़ नहीं लगते । ये अच्छे स्टाफ़ बन सकते हैं पर लीडर नहीं ।

छोटे भाई वाली तीसरी श्रेणी को हम प्रोआक्टिव श्रेणी कहते हैं । इस श्रेणी वाली व्यक्ति को काम सौंपा जाए तो ये अपनी पूरी ताक़त झोंक देते हैं । ये अधिकांशतःसफल होते हैं और इनमें लीडर्शिप होती है ।





 

 

 

 

 

 

 

 

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स्वाभिमान कैसे विकसित करें ?

स्वाभिमान कैसे विकसित करें ?

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अगर हम अच्छा स्वाभिमान जल्दी बनाना चाहते हैं तो , इसका सबसे अच्छा तरीक़ा यह है की कुछ काम ऐसे करें जो लोगों के मदद के लिए हो , उसका बदला न तो पैसा से और ना ही कुछ और देकर चुका सकते हैं ।




यह मेरी ज़िन्दगी है , मैं जो चाहूँगा , वही करूँगा – इस जुमले ने फ़ायदे से ज़्यादा नुक़सान किया है । ऐसे लोगों ने इस जुमले को स्वार्थ से जोड़ दिया है । जिसका बुरा असर न केवल उन पर बल्कि उनके आस-पास के पूरे माहौल पर पड़ता है ।

 

हम अलग नहीं हैं समाज से , हमें ज़िम्मेदारी का अहसास होना चाहिए ।

 

इन्सान होने के नाते लेन-देन हम सबको करना पड़ता है , लेकिन ऊँचे दर्जे के आत्मसम्मान वाला स्वस्थ व्यक्ति वह होता है , जिसे केवल लेने का ही नहीं बल्कि देने की भी आवश्यकता महसूस होती है ।

 

स्वाभिमान ख़ुद के बारे में महसूस करने का नज़रिया है । जब हम अपने बारे में अच्छा महसूस करते हैं , तो बेहतर काम करते हैं । घर और दफ़्तर के रिश्ते भी बेहतर हो जाते हैं । दुनिया हमें अच्छी लगने लग जाती है । यह ऐसा क्यूँ होता है क्यूँकि हम किसी चीज़ के बारे में जैसा महसूस करेंगे या सोंचेंगे , वैसा ही उसके प्रति व्यवहार करेंगे ।




एक आदमी अपनी नई कार धो रहा था , तभी उसके पड़ोसी ने पूछा।  “ आपने यह कार कब ख़रीदी ?”  उस आदमी ने जवाब दिया  इसे  मेरे भाई ने दिया है । इस पर पड़ोसी ने कहा – काश! मेरे पास भी ऐसी कार होती । इस पर आदमी ने कहा – आपको यह सोचना चाहिए था कि काश! मेरा कोई ऐसा भाई होता । पड़ोसी की पत्नी उनकी बातचीत को सुन रही थी । उसने बीच में टोककर कहा – मैं सोंचती हूँ की काश ! वह भाई मैं होती । यह सोंचने का कितना सकारात्मक नज़रिया है ।

 

लगातार सकरात्मक शिक्षा प्राप्त करने से सकारात्मक विचार आते हैं । 

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अनमोल वचन


अनमोल वचन –

 सफलता का मतलब सिर्फ़ असफल होना नहीं है , बल्कि सफलता का सही मतलब है पूरा युद्ध जितना , बस ना की छोटी- मोटी लड़ाइयाँ जितना ।
– एडविन सी. लिब्स ।

हमारे सामने मौजूद किसी भी तथ्य से ज़्यादा महत्वपूर्ण उस तथ्य के बारे में हमारा नज़रिया होता है , क्यूँकि हमारी असफलता उसी से तय होती है ।
– नॉर्मन विंसेंट पिले ।

 

यूनिवर्सिटी की पहली ज़िम्मेदारी ज्ञान देना और चरित्र निर्माण होता है , न की व्यापारिक और तकनीकी सुरक्षा देना ।
– विंसटन चर्चिल ।

 

भाग्य केवल संयोग पर निर्भर नहीं होता , बल्कि हम उसे अपने लिए चुनते हैं । वह इंतज़ार करने की चीज नहीं , बल्कि हासिल करने की चीज़ है ।
– विलियम जेनिंग्स ब्रायन ।

 

सिर्फ़ सफल होने की कोसिस ना करें , बल्कि मूल्य-आधारित जीवन जीने वाला मनुष्य बनने की कोशिश कीजिए ।
– ऐल्बर्ट आइन्स्टाइन ।

 

आलोचक वह होता है जो दाम तो हर चीज़ का जनता है , लेकिन उन चिजों का महत्व नहीं ।
– आस्कर वाइल्ड ।

 

अगर किसी आदमी को सड़क साफ़ करने का काम दिया जाए तो उसे सफ़ाई वैसे ही करनी चाहिए जैसे माइकल एंजेलो पेंटिंग करता हो या बीथोवन संगीत की रचना करता हो या सेक्सपियर कोई कविता लिखता हो । उसे सड़क की सफ़ाई इतनी अच्छी तरह करनी चाहिए की स्वर्ग और पृथ्वी , दोनो जगहों के लोग रुककर बोलें की यहाँ सड़क सफ़ाई करने वाला रहता था , जिसने अपना काम गर्व से और बहुत अच्छी तरह किया ।
– मार्टिन लूथर किंग , जूनियर ।




सफलता का सम्बंध काम से है । सफल लोग हमेशा गतिशील रहते हैं । वे ग़लतियाँ करते हैं , पर मैदान नहीं छोड़ते ।
– कोनरैड हिल्टन ।

 

अगर आप सोंचते हैं की आप कर सकते हैं या आप यह सोंचते हैं की आप नहीं कर सकते हैं , तो आप दोनो हाई तरह ठीक हैं ।
– हेनरी फ़ोर्ड ।

आपको यह ज़िन्दगी में चुनाव करना है की , आप अनुशासन की क़ीमत चुकाएँगे या अफ़सोस की ।
– टीम कोनार ।

महान मस्तिष्कों में उद्दशेय होते हैं अन्य लोगों के पास केवल इक्षाएँ होती हैं ।
– वॉशिंगटन इरविंग़ ।

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सफल लोगों के अनमोल वचन

सफल लोगों के अनमोल वचन-

सफल लोगों के वचन

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आपको सफलता आपके जीवन में अवश्य मिलेगा बस ध्यान रखें अपने ऊपर विश्वाश करके अपने काम डटे रहें,ये महान और सफल व्यक्तियों के विचार आपको सफलता के और क़रीब लाएगी अगर आप इनके विचारों का अनुशरण करते हैं । मैं तो इनको सफलता के महामंत्र कहता हूँ । सफल लोगों के अनमोल वचन –

हर विपत्ति अपने साथ सामान या ज़्यादा बड़े लाभ को लेकर आती है ।
– नेपोलीयन हिल ।

लगनशील व्यक्तियों के पुरस्कार उस कष्ट से ज़्यादा बड़े होते हैं जो विजय से पहले ज़रूर आता है ।
– टेड एंगस्ट्रामे ।

मेरी पिड़ी की सबसे बड़ी खोज यह है कि लोग नज़रिया बदल कर अपनी ज़िन्दगी बदल सकते हैं ।
– विलियम जेम्स ।

ख़ुद को बदलने की अपनी शक्ति को कभी  कम ना आँकें ।
-एच॰जैक्सन ब्राउन जूनियर ।

जोश के साथ सोंचें , काम करें और सकारात्मक बोलें । क्यूँकि इससे आप सकारात्मक परिणामों को अपनी ओर आकर्षित कर लेंगे ।
– माइकल लेबोफ ।

अगर आप सफलता पाना चाहते हैं तो ख़ुद को सफल मानना सुरु कर दें ।
– डॉक्टर जॉइस ब्रादर।

अगर आप सोंचते हैं की आप कर सकते हैं – या नहीं कर सकते हैं – दोनो स्थितियों में आप बिलकुल सही हैं ।
-हेनरी फ़ोर्ड ।

अपने मस्तिष्क को महान विचारों का पोषण दें ।
– बेंजामिन डिज़राइलि ।

मैं निरंतर कार्य करता रहता हूँ , जब तक मुझे सफलता प्राप्त नहीं होती । मैं इस दुनिया में हारने के लिए नहीं आया हूँ । और ना ही असफलता मेरी मनोदशा पर कोई परिणाम कर सकती है । मैं कोई भेड़ नहीं हूँ जो अपने गडेरिया के मर्गदर्शन की राह देखता रहूँ । मैं तो शेर हूँ और भेड़ के साथ बातें नहीं करता , उनके साथ चलता और सोता भी नहीं हूँ । मैं निरंतर कार्य करता रहता हूँ , जब तक मुझे सफलता प्राप्त नहीं होती ।
– ओग मेंडिगो ।

दुःख या पीड़ा अस्थायी होती है । त्याग देना हमेशा के लिए रहता है
– नील ऑर्म्स्ट्रॉंग ।

आत्मकरूणा , ख़ुशी में छेद करने वाला तेज़ाब है ।
– अर्ल नाईटिंगेल ।

अगर आप कहते हैं की आप अच्छे हैं या आपके साथ सबकुछ अच्छा हो रहा है तो ईश्वर आपके शब्द को सुन लेगा और उन्हें सच कर देगा ।
– ऐल्ला व्हीलर विलकाक़्स ।

जो लोग हमेशा पैसे की कमी का रोना रोते रहते हैं उनके पास कभी ज़्यादा पैसा रह नहीं सकता ।
– जेफ़ केलर ।

किसी चीज़ को अक्सर दोहराते रहेंगे , तो वह धीरे धीरे आपकी ज़िंदगी में आ जाएगी ।
– टाम हापकिंस ।

उम्मीद करता हूँ दोस्तों की आपको ये सफल लोगों के अनमोल वचन आज का ये पोस्ट आपको पसंद आया होगा । आपको यदि अच्छा लगा हो तो शेयर करना ना भूलें ।

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विजय गीत

यह विजयगीत आपके लिए है , यह मैंने लिया है किताब से जिसका नाम है -अनुशासन की शक्ति।

अगर कोई व्यक्ति अपने सपने सच करना चाहता है ,तो सबसे पहले उसे जाग जाना चाइये।
– भारतीय कहवत।
जब में उड़ने की उमंग हो ,तो कोई भी रेंगने के लिए तैयार नहीं हो सकता।
– हेलन केलर।
आप अपनी जिंदगी के रचियता बन सकते हैं……या फिर आप अपनी परिस्तितियों के सीकर बन सकते हैं। यह आप पर निर्भर करता है।
खुस व्यक्ति खास परिस्तित्यों में रहने वाला नहीं , बल्कि खास नजरिये वाला होता है।
-हयू डाउन्स।

-रेडेनबाक।

विजय गीत

तुम ही वह आदमी हो जो डींगे हांका करते थे

की तुम चोटी पर पहुंचोगे

किसी दिन !

तुम सिर्फ एक मौका चाहते थे ,

साबित करने का की तुम में कितना ज्ञान था

और यह की तुम कितनी दूर तक जा सकते हो… …

हमने एक साल गुजर लिया है।

कितने नए विचार आपके पास आये ?

समय……. ने आपको बारह ताजे महीने दिए

आपने उनमें से कितनों का

लाभ लिया और साहस के साथ प्रयास किया

उस काम को करने का जिसमें आप अक्सर असफल होते थे ?

हमें आपका नाम सफल लोगों की सूची में नहीं मिला।

इसका कारण बतायें !




नहीं आपके पास अवसर की कमी नहीं थी।

हमेशा की तरह……आप काम करने में असफल रहे।

दोस्तों याद रखें जीवन में कई बार हमें सफलता मिलने से पहले असफलता भी मिलती है तो उस समय हिम्मत नहीं हारना चाहिए। अपने आप पे उस समय विस्वास करना जरुरी है। और उस समय जब भी आपको लगे अब आप सफलता से दूर हो रहे हैं ये विजय गीत जरूर काम आएगा और आपको अपने ऊपर विस्वास बढ़एगा

यदि हमने अपने आप पे विस्वास कर लिया तरो जीवन में सफलता तय है।

धन्यवाद दोस्तों ,

उम्मीद करता हूँ विजय गीत आज का ये पोस्ट पसंद आया होगा। अगर आपको अच्छा लगा हो [प्लीज लाइक और शेयर करना न भूलें।

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