बिक्री में सफलता

बिक्री में सफलता कैसे प्राप्त करें ?-बिक्री करते समय मिनटों का अभ्यास करें।

यह सिद्धांत कहता है की यदि आप ग्राहकों के साथ कुछ मिनट रहकर पैसे कमा रहे हैं तो इस काम में ज्यादा समय या मिनट लगाकर आप अपनी बिक्री बढ़ा सकते हैं। 

जब कोई सलेसपर्सन संभावित ग्राहकों के साथ फोन पर या आमने-सामने बिताये गए मिनटों की संख्या को दोगुना कर लेता है,तो प्रायः हर प्रकरण में उसकी बिक्री दोगुनी हो जाती है। यह कोई संयोग नहीं है। यह तो एक नियम के कारण होता है : संभानाओं का नियम। 

बिक्री में सफलता की कुंजियाँ –

बिक्री के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के मामले में आपकी दो जिम्मेदारियां हैं :

1. सबसे पहले तो  आपकी  छन्नी हमेशा भरी होनी चाहिए। दिन भर में आप जितने  प्रॉस्पेक्ट्स से मिल सकते हों , आपके पास उससे ज्यादा प्रॉस्पेक्ट्स की सूचि होनी चाहिए। कभी भी आपकी छन्नी खली न रहने दें। कभी प्रॉस्पेक्ट्स की कमी न पड़ने दें। 

2. दूसरी बात , बिक्री के हर चरण में निरंतर बेहतर बनते रहें। प्रोस्पेक्टिंग , प्रस्तुति और सेल्स क्लोज करने की अपनी योग्यताओं को लगातार निखारते रहें। इसके लिए ऑडियो प्रोग्राम सुनें। आप जितने ज्यादा निपुण बनते हैं ,छन्नी के निचे से बिक्री निकालने के लिए आपको छन्नी के ऊपर उतने ही कम प्रॉस्पेक्ट्स की जरुरत पड़ेगी। 

बिक्री में सफलता के लिए जल्दी सुरु करें-

खुद को अनुशासित करके अपनी पहली कॉल सुबह 7 – 8  बजे तक कर लें। जब आप संभावित ग्राहक को सामान बेचकर अपना दिन सुरु करते हैं तो आपमें ज्यादा ऊर्जा होगी और आप दिन भर बेचते रहने के लिए प्रोत्साहित होंगें। 

स्वयं को सेल्स कारपोरेशन का प्रेजिडेंट माने ,जो बिक्री के परिणामों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है। सर्वोच्च आमदनी वाले सेल्स पीपल का यही नजरिया होता है। 

सटीकता से तय करें आपको वास्तव में अपनी मनचाही आमदनी कमाने के लिए कितने प्रोडक्ट्स या सेवाएं बेचने की जरुरत है ?

खुद को समर्पित कर  दें ,आप हरदिन पुस्तकें पढ़कर ,कार यात्रा में ऑडियो टेप सुनकर और सेल्स सेमिनार्स में हिस्सा लेकर बिक्री निरंतर बेहतर करते बनेंगे। 

positive shareing
1Shares

छठवाँ स्तर

छठवाँ स्तर : विकास उन्हें किसी भी काम को करने में समर्थ बनाता है। 

छठवाँ स्तर तक विकाश करने वाले लोग विरले ही होते हैं। अगर आपने लोगों को इस स्तर तक लेन में मदद की है ,उनके साथ सर्वाधिक प्रेम और सम्मान से व्यवहार करें। वे ऐसे लीडर्स हैं ,जो कहीं भी सफल हो सकते हैं। उनके पास ऐसी योग्यतयें व् दक्षताएं हैं ,जो किसी विशिष्ट क्षेत्र या उद्योग तक सिमित नहीं हैं।  

अपने जीवन कल में अगर ईश्वर आपको ऐसे एक या दो व्यक्ति प्रदान करता है ,तो आपमें प्रबल सामूहिक क्षमता होगी। जो आपकी व्यक्तिगत क्षमताओं से कहीं आगे जाकर प्रभाव छोड़ सकती है। 

 

स्तर जितना ऊँचा होगा ,वहाँ पर उतने कम लोग होंगे। आप यह भी पाएंगे की स्तर बढ़ने के साथ छलाँग ज्यादा मुश्किल होती जाती है। ऊँचे स्तर  पर पहले वाले स्तर से ज्यादा संकल्प,समर्पण और लगन की जरुरत होती है। 

 

आप जिन व्यक्तियों का विकास कर रहे हैं ,उनमें से प्रत्येक के बारे में आपको कठोर निर्णय लेना होंगे। सिर्फ छठे स्तर तक पहुँचने वाले व्यक्ति को छोड़ कर। जब आप लोगों का विकाश करते हैं ,तो आप हर व्यक्ति से उस स्तर पर मिलते हैं जहाँ पे वह होता है ,आम तौर पर पहले स्तर पर।

 

इसके बाद आप अपनी यात्रा  सुरु करते हैं। आपका काम यह है की जब तक वह व्यक्ति आगे बढ़ना और विकास करना चाहे ,तब तक आप उसके साथ चलें और उसकी मदद करें। जब वह आगे बढ़ना बंद कर दे ,

तब आपको कठोर निर्णय लेना पड़ता है-आपको उस व्यक्ति को पीछे छोड़ना होता है। हो सकता है आप उससे सम्बन्ध बनाये रखें,परन्तु अब उसका विकास करना छोड़ देते हैं। 

 

लोगों के विकासकर्ता के रूप में यह बहुत मुश्किल काम होता है। हम लोगों को इतना ज्यादा समय , ध्यान,और परवाह देते हैं की किसी को पीछे छोड़ना अपने बच्चे को छोड़ने की तरह मुश्किल होता है ,परन्तु आप किसी को सबसे ऊँचा स्तर तक विकास करने के बाध्य नहीं कर सकते हैं।

 

आपको उस व्यक्ति को उसी के स्तर पर छोड़ने का कठोर निर्णय लेना होता है। यह मुश्किल होता है ,परन्तु लोगों का विकास करने के लिए यह कीमत  चुकाना ही पड़ता है। 

 

Related post-

लीडर्स के छह

बहुमुखी शिक्षा क्या है

 

positive shareing
0Shares

पेशेवर क्लोसेर्स

       

क्लोजिंग

क्लोजिंग के कुछ  नियम  साझा करना चाहूंगा

                      मैं आपको क्लोजिंग के कुछ  नियम  साझा करना चाहूंगा -अन्य कलाओं जैसे -गाना ,नाचना ,एक्टिंग वैसे ही सेल्स एक कला आप उसे सिख सकते हैं और सेल्स में सबसे महत्वपूर्ण होता है क्लोजिंग।पेशेवर क्लोसेर्स-आज बात करेंगे क्लोजिंग के नियम। 

 

विजय होने तक रुके रहें –   अंत में दृढ़ता हमेशा प्रतिरोध से  जीतता है,
कम उम्र से ही बच्चे सिख जाते हैं  कि यदि वे हट्ठ करते हैं और पूछते रहते  है  वे माता-पिता के विरोध से वे सीखते हैं कि वास्तव में न का कोई मतलब नहीं है वो समझते हैं की  मैं जैसे प्रयास कर रहा हूँ यह प्रायप्त नहीं है माँ डैड को कन्विंस करने के लिए  , इसलिए वे अपने मामले को अग्रेषित करते रहें अपने दादा दादी और भी जो उन्हें दिखाई देता है उन तक जो उन्हें वो दिला सकता है जो वो चाहते हैं।

 वो जिद्द करते रहते हैं जब तक वो प्राप्त नहीं कर लेते वो नहीं मानते हैं चाहे कुछ भी हो।


यह समान सिद्धांत बिक्री में भी  लागू होता है अगर आपको दृढ़ विस्वास है की ये प्रोडक्ट या सेवा लाभदायक है आपके ग्राहक के लिए तो आपको तब तक जिद्द करना है तब तक आपका ग्राहक कन्विंस्ड नहीं हो जाता है। वैसे अक्सर ग्राहक नो ही कहता है।

पेशेवर क्लोजर्स  में उत्साह जैसे गुण और  एक सकारात्मक मानसिक रुख और एक भूख होता है।

 

यह  सेल्स का  पेसा सर्वश्रेष्ठ भुगतान करने वाला  संसार का सबसे आसान  काम या तो सबसे ख़राब भुगतान करने वाला ,संसार सबसे मुश्किल  काम है।  एक व्यक्ति,की  क्षमता , प्रयासों और केवल सशक्त  होने के कारण ही पुरूस्कार मिलता है। सेल्स का पेशा कई लोगों को ज्यादा  मिलियनेर बनाया  किसी और पेशा  के मुकाबले।
दृढ़ता और संकल्प अकेल ही सर्वशक्तिमान हैं। प्रतिभा अप्रकाशित नहीं रहेगा।प्रतिभा लगभग एक कहावत है

याद रखें चमकदार प्रकाश से हमेसा  फीका प्रकाश  पहले आता है।एक दिन से आश्चर्य नहीं होगा लगातार लगे रहना होगा।

सकारात्मक मानसिक रुझान

महत्व को देखते हुए जिद्द  का अब हम एक और, उतना ही महत्वपूर्ण एक और विशेष गुण  के बारे में बात करते हैं  ये गुण है PMA ( positive mental attitude ) विशेषता दिल से आता है और मन में समाप्त होती है
दूसरे शब्दों में , आपके पास ज्वलंत  इच्छा होनी चाहिए और  सफल होनेके लिए  आपके दिमाग की सकरात्मक दृश्टिकोण। कार्य पूरा करने और ऐसा करना जारी रखने के लिए आवश्यक है

 

मैं अब आपको बताने जा रहा हूँ आपको नजरिया 100 प्रतिसत सफलता या असफलता दिलाने के लिए जिम्मेवार होती है मैं आश्वासन देता हूँ। रवैया विश्वास के बारे में है ,आप में विश्वास, सफल होने का विश्वास।

 

उदहारण देकर इसे स्पस्ट करना चाहूंगा पुराना और पसंदीदा है-
थॉमस एडिसन बिजली के बल्ब का आविष्कारक था।प्रयोगों के पाठ्यक्रम के दौरान वो कोशिश कर रहे थे जितना वो कर सकते थे। एडिशन फिलामेंट को कुछ सेकण्ड्स से ज्यादा जला पाने में सक्षम नहीं हो प् रहे थे। जबभी उनसे कोई पूछता था की आप इतनी बार फ़ैल हो रहे हैं बार बार हो रहे हैं तब भी आप कोशिश क्योँ कर रहे हैं
एडिशन कहते – नहीं मैं फेल नहीं हुआ मैंने उस से सीखा वो तरीका गलत था बल्ब वैसे नहीं बनेगा मुझे कोई और तरीका खोजने पड़ेंगे


क्या एक महान दृष्टिकोण और क्या सफलता के लिए एक महान जुनून?
हारने और जितने वाले में अंतर सिर्फ रवैया का होता है
हारे हुए दृष्टिकोण, वह कभी नहीं था, अभी  नहीं , और कभी नहीं होगा।
विजेता रवैया है, वह रहा है, अब भी है, और जारी रहेगा ,मैं कर सकता हूँ।
यदि आपके पास  PMA  नहीं है  और  जब आप अपने ग्राहक से मिलते हैं DOA  ( dead on arrival ) . 
PMA  प्रस्तुति  और उत्साह पैदा करता है और सफलता दिलाता है।




उत्साह –
हो सकता है अथवा नहीं हो सकता है। उत्साह के रूप में संक्रामक भय है। सबसे महत्वपूर्ण सामग्री बिक्री का  उत्साह है। उत्साह बिक्री बनाता है। चाहे वह सलेसमैन किसी कपडे के दूकान पे हो या चाहे वो कोई कमिशन आधारित बिज़नेस करता हो। कहा गया है 95 प्रतिसत उत्साह और 5 प्रतिसत उत्पादों की जानकारी। अगर कोई न्या  आपके टीम में आया है और सेल्स कर रहा है जबकि उसे उत्पाद के बारे में जानकारी भी नहीं है तो ये सिर्फ उत्साह के कारण है आप उसे शाबसी  दीजिये।
उत्साह एक संक्रामक है।   इसलिए बिक्री करें उत्साह से और इसे अपने सेल्स को क्लोज  कर दें।

पेशेवर क्लोज़र  के गुण-
पेशेवर क्लोजर्स  को अपने आप में पूर्ण विस्वास होता है

१-पेशेवर क्लोजर्स  महत्त्वाकांक्षी होता है उसके अंदर भूख होता है ज्वलंत इक्षा  होता है सफलता का।वही भूख उसे चैन लेने नहीं देती है ,वो जो कमिटमेंट करता है उसे निभाता है।

२-पेशेवर क्लोज़र अपने आस पास के माहौल पे नजर रखता है की उसके चारों ओर क्या हो रहा है वो हर स्तिथि को आदेश देता है वह चतुर होता है वह  ईमानदार और विश्वसनीय भी होता है और अपने वादों पे खरा उतरता है।

३- एक

पेशेवर क्लोसेर्स अति उत्कृष्ट श्रोता , सच्चा प्रोत्साहित करने वाल होता है।  एक तीव्र धारणा है और सहज जानता है कि  आगे  क्या करना है ,वह एक प्राकृतिक नेता है लोग उन्हें पसंद करते हैं उन्हें सुनते हैं।

 

४-एक पेशेवर क्लोसेर्स का एक अलग रास्ता होता है जिसे लोग फॉलो करते हैं वो खुद के साथ भी उतना ही खुस रहता है जितना दूसरों के साथ।  उसे अपने काम से चर्चा मिलती है ,वह हमेसा नए लोगों को भर्ती करता है अपने टीम में और अपने साथ काम करने वाला से भी हट कर औरों की भी मदद करता है।

 

५-वह पहल के नियम को जानता है और सभी कॉल पे अपना 100 प्रतिसत ऊर्जा लगाता है , लेकिन वो इतना बड़ा खिलाडी होता है की वो जनता है की  क्या पता अभी रास्ते में कोई टकरा जाये  इसलिए हर कॉल पे 100 प्रतिसत देने के वावजूद वो अपने एनर्जी उस आखिरी कॉल तक के भी रिज़र्व रखता है



६ -एक पेशेवर क्लोजर्स   कभी भी बीमार महसूस नहीं करता है ,हो सकता है की  वह मौसम के नीचे महसूस करता है, फिर भी वह काम पे  जाता है। वह उत्सुक रहता है  और एक महान रवैया का मालिक होता  है।

७ -एक पेशेवर क्लोजर्स अच्छी तरह से संगठित रहता है, वह अपने उपकरणों को अच्छी तरह जनता है प्रयोग करना  वह जनता है उसके उपकरण महत्वपूर्ण है। वह हर समय उसे  तैयार रखता है वह हर चीज का रिकॉर्ड को अप टू  डेट रखता है ,वह जनता है इसकी जरुरत कभी पड़ सकती है। संभावित ग्राहक का जन्मदिन ,शादी की वर्षगांठ, यहाँ तक की बच्चे का जन्मदिन का भी रिकॉर्ड रखता है

 

8-पेशेवर क्लोजर्स एक महान कलाकार होता है , जो सशक्त बनाने वाला उत्साह  का सृजन  करना जानता है। वह एक ऐसा कलाकार भी है जो चित्रों को चित्रित करता है जो कि इतनी ज़िंदगी है जैसे वे असली बन गए हो




9-एक विक्रेता कभी प्रतिस्पर्धा नहीं करता है।
उसे थोड़ा सा भी डर नहीं ,इसके बजाय वह प्रतियोगिता का स्वागत करता है। वह चुनौतियों का आनंद लेते हैं वह तो ठीक उसके निचे 100 प्रतिसत बेचता है ,असल में जब प्रतिस्पर्धा होता है तब उसे लगता है मैं काम कर रहा हूँ। वह प्रतिस्पर्धा को अच्छा मानता है।

10-वह हमेशा नई सामग्री सीखते हैं  वह हमेशा खुद को बेहतर बनाने की कोसिस में लगा रहता है।  उसमे औरों से आगे रहने का एक भूख होता है ,अपने लक्ष्य की ओर ले जाने वाला हर चीज ढूंढ़ता है। वह अपने आपको विजेता कहता है , मैं कर सकता हूँ, मैं कर सकता हूँ खुद से ही कहता रहता है

 

11-वह खुद को प्रेरित रखता है वह बेहतर दृढ़संकल्प रखता है  जो की उसके अंदर एक जवलंत इक्षा उसे चलती रहती है। जब खुद को पंप करता है और कार्रवाई के लिए तैयार है। वह एक चमक को फैलता है,उसमें एक बल है जो पेट की भावना पैदा करता है,अपने पेट के गड्ढे में बिजली की बढ़ोतरी करना जनता है जैसे  तितली को रस चूसने का कारण बनता है,  क्योंकि वह अजेय है ,वह जीतने जा रहा है -वह यह जानता है और वह इसे महसूस करता है

अंदर से बाहर !

12-चाहत और जरुरत को खोजना
आपको बेचना आसान हो जायेगा यदि आप अपने ग्राहक का चाहत और उसकी जरुरत को खोज पाएं।

 

13-मूल्य
कई बार बिक्रेता जो अपनी सेल्स गावता है वो सोंचता है इसका मूल्य ही कारण है पर ऐसा नहीं है वो सेल्स इसलिए गावता है क्योँकि उसके अंदर मूल्य का डर  घुसा पड़ा है, हमेसा याद रखें की डर भी संक्रामक है उत्साह की तरह। कीमत पर चर्चा सुरु होते ही  एक विक्रेता को यह आशंका है कि ग्राहक कहेंगे इसकी कीमत बहुत अधिक लगती ,तो वो  डर को ग्राहक ग्राहक को भी महसूस हो जायेगा। ग्राहक को बस आपको ये यकीं दिलाना होता है आप जो प्रोडक्ट्स खरीद रहे हैं वो इस से भी ज्यादा मूल्य का और आप इसे लेकर एक अच्छी डील कर रहे हैं।

अंत में रिकैप देख लें –

दृढ़ता हमेशा प्रतिरोध जीतता है,… अंत में
 PMAके बिना आप हमेशा DOA  होंगे
उत्साह दिल से आता है और यह बेहद संक्रामक है। उत्साह बेचता है


बोर्ड पर पेशेवर क्लोजर्स  की विशेषताएँ लिख लें। 

 

लोगों के मन जितने की कला 

सकारात्मक नज़रिया

21 वी सदी का व्यवसाय

नेटवर्कर असफल क्यूँ होते हैं







उम्मीद है दोस्तों हमारा आज का ये पोस्ट पसंद आया होगा। दोस्तों आज का ये टॉपिक  था ONE ON ONE : थे सीक्रेट्स ऑफ़ क्लोसिंस   किताब से आप चाहो तो निचे दिए गए लिंक से किताब मंगवा सकते हैं।   और आगे  के पोस्ट में और कुछ पॉइंट्स क्लियर करूँगा। 


धन्यवाद। 

positive shareing
0Shares

लोगों के मन जितने की कला

कुछ लोगों में यह कला उनकी प्रकृति में होती है है ,जिसे हम कौशल्य कहते हैं जबकि कुछ लोगों ने लोगों के मन जितने की कला को अपने आप विकसित किया है।

 

आप ऐसे कई लोगों को जानते होंगे की मन के साफ हैं ,नीतिवान हैं ,परिश्रमी हैं ,संस्कारी हैं,बुद्धिशाली भी फिर भी हमेशा तकलीफ में ही रहते हैं,क्यूंकि उनके पास सबकुछ है लेकिन लोगों के मन जितने की कला नहीं है।



यह कला सीखना अनिवार्य है

हम जंगल में रहने वाले कोई अकेले प्राणी नहीं हैं। मनुष्य होने के नाते हम सामजिक प्राणी हैं। हमारे दुःख-सुख ,सफलता विफलता सब कुछ समाज से जुड़ा हुआ है। हम जानते हैं की परिवार  समाज सब  एक-दूसरे  सहयोग  है  विकसित होते हैं।

 

 

अगर हम सभी क्षेत्रों में विकाश चाहते हैं ,तो लोगों का सहयोग पाना जरुरी है। लोगों का सहयोग पाने के लिए लोगों के मन की कला सीखना जरुरी है

 

 

लोगों के मन जितने की कला के लिए निम्नलिखित बातों पे गौर करें –

 

  1.  किसी को भी गलत साबित करने की कोसिस ना करें।

  2. काम की शुरुआत दोस्ती से करें।

  3. अपनी बात को ऐसे रखें की सामने वाला को वो अपनी बात लगे।



  4. किसी की भी आलोचना करने से दूर रहें

  5.  काम के लिए  चुनौती दें।

  6. आप दूसरे लोगों को महत्व दीजिये

  7. सीधे हुक्म या आदेश के वजाय आदेश देने की नै रीत अपनाइये।

  8. लोगों की सच्चे मन से प्रसंसा करने की आदत डालें

  9. कुछ भी आप बोलें या आप किसी को जवाब दें उस से पहले मुस्कुराएं

  10. आलोचना अकेले में करें।

  11. लोगों को नाम से पहचानने की,और उन्हें नाम से बुलाने की आदत डालें।

  12. भूल को स्वीकार दिल से करें ,सॉरी या धन्यवाद बोलने में मेहनत  करें।

  13. आपको लोगों को सुनने की आदत डालें ,सुनना भी एक कला है।

  14. आपको कयास जितना पसंद है दिल या दलील ? अगर दिल जितना है तो दलील छोड़िये।

  15. शुरुआत हमेशा सकरात्मक बातों से ही करें।



positive shareing
0Shares

सकारात्मक नज़रिया

सम्बंध ,सामर्थ्य ,नज़रिया ,नेतृत्व इन चार क्षेत्रों पर महारथ हासिल करने से कोई भी व्यक्ति सफल हो सकता है । लेकिन इन चार क्षेत्रों में मुझे सबसे ज़्यादा ज़रूरी लगा नज़रिया । तो मैंने सोंचा क्यूँ आपसे नज़रिया के बारे में बात किया जाए । 

 

 

जितनी जानकारी पिछले पाँच हज़ार सालों में उत्पन्न हुई है उस से अधिक जानकारी पिछले तीस वर्षों में उत्पन्न हो चुकी है । 

 

 

नज़रिया बहुत हि महत्वपूर्ण उनके लिए जो नेतृत्व कर रहे हैं अपने टीम का या करेंगे , क्यूँकि नज़रिया बहुत हि गहरा प्रभाव डालता है किसी कि ज़िन्दगी पर । नज़रिया किसी की ज़िंदगी में रंग भर सकता है ।

नज़रिया आपको बना सकता है और मिटा भी । 

नज़रिया आपके टीम का एक खिलाड़ी होता है । सकारात्मक नज़रिया किसी भी टीम की जितने ( सफलता) की गारंटी नहीं होती है लेकिन नकारात्मक ( ख़राब ) नज़रिया हारने ( असफलता) की गारण्टी होती है । 

 

विजेता का सम्बंध योग्यता से नहीं नज़रिया से होता है । दुर्भाग्य से बहुत से लोग इस बात को मानना नहीं चाहते हैं और योग्यता को ही प्रतमिकता देते हैं जबकि बहुत योग्यता वाली टीम ख़राब नज़रिया के कारण हार जाती है ।

 

 

हम इसे ऐसे समझ सकते हैं :-

प्रतिभा + नज़रिया = परिणाम 

बेहतरीन टीम + सड़ा नज़रिया = बुरी टीम ।

बेहतरीन टीम + ख़राब नज़रिया = औसत टीम । 

बेहतरीन प्रतिभा + औसत नज़रिया = अच्छी टीम ।

बेहतरीन प्रतिभा + अच्छे  नज़रिये = बेहतरीन टीम । 

 

 

अगर बेहतरीन परिणाम चाहते हैं तो अच्छे सकारात्मक नज़रिया वाले खिलाड़ी चाहिए । दूसरों के सम्पर्क पर आने पर नज़रिया फैलता है । नज़रिया संक्रमक है । एक खिलाड़ी से दूसरे में फैलता है । टीम की कई चीज़ें संक्रमक नहीं होती है मसलन प्रतिभा, अनुभव और अभ्यास करने की इक्षाशक्ति ।

 

 

आपको याद रखना होगा की हम अपने आस- पास के लोगों से प्रभावित होते हैं और उनके नज़रिये से भी । हममें प्रभावित होने की प्रवृति होती है ।और उनलोगों की नज़रिया अपनाने की प्रवृति होती है जिनके साथ वो समय बिताते हैं ।

positive shareing
0Shares

कनविंस की शक्ति

यदि आप कनविंस की शक्ति से लैश हो जाएँ तो हर क़दम जीत आपकी निश्चित होगी ।

कनविंस का सामान्य अर्थ होता है किसी को किसी बात को समझाना, विश्वास दिलाना , अपनी बात को सही ढंग से रखना ।

मोटिवेटेर, वक़ील , धर्मपराचारक, व्यक्ति , संगठन , पोलीस, फ़िल्में , पापा मम्मी से किसी चीज के रोता हुआ बच्चा इत्यादि अपने-अपने तरीक़े से कनविंस करने की कोसिस करते हैं ।

किसी की आँखें भी आपको कनविंस कर सकती हैं की उसमें घृणा के भाव हैं या प्रेम के । आपको किसी का चेहरा कनविंस कर सकता है ।



कनविंस एक शक्ति है , कनविंस जीत दिलाती है , कनविंस सफलता दिलाती है । कनविंस से आप नकरात्मकता को सकरात्मकता में बदल सकते हैं । आपके ऊपर गुस्साये हुए व्यक्ति को आप माफ़ी मँगवा सकते हैं ।

सही बात को सही शब्दों के माध्यम से रखी जाए तो लोग आप पर भरोसा करेंगे ।कनविंस की शक्ति आपके मस्तिष्क में हैं निकलें और इस्तेमाल करें । आपको यह भी याद रखना चाहिए की जो हो चुका है उसे वापस नहीं किया जा सकता है तो अब आगे क्या उसके बारे में सोचना हाई बुद्धिमानी है क्यूँकि बैलेन्स जीवन ही सफल जीवन है । जिसे जिन बाक़ी है ।




आपका कनविंस की शक्ति ना को हाँ में बदल सकता है जब आप यह याद रखेंगे की जीवन में रिजेक्शन तो अवश्य मिलेंगे पर इस से घबराए नहीं , आप प्रयास जारी रखें और आप रिजेक्शन को सिलेक्शन में बदल सकते हैं । जब भी जीवन और मन की परेशानी आए तो अपना व्यवहार ना बिगाड़ें और ना बिगड़ने दें और यदि परेशान हो तो तत्काल जवाब ना दें । मन का मूड सही होने का इंतज़ार जरें ताकि बाद में आपको अपने बोले हुए शब्दों पे शर्मिंदा ना होना पड़े या अफ़सोस ना हो ।

यदि जवान को बुद्धि का साथ मिला संयम के साथ तो आप किसी को भी कनविंस कर सकते हैं ।



positive shareing
0Shares

सुझाव

सुझाव ज़्यादा असरदार होता है ,इसलिए किसी को सुझाव देना चाहिए ना की आदेश । सुझाव आदेश से ज़्यादा असरदार होता है

 

 

 

सुझाव मनोविज्ञान का वह सिद्धांत है , जिसके ज़रिए हम दूसरे के मस्तिष्क को प्रभावित , निर्देशित कर सकते हैं ।

 

यह विज्ञापन और सेल्ज़मैनशिप में इस्तेमाल होने वाला मुख्य सिद्धांत है । इसी सिद्धांत के ज़रिए मार्क एंटोनि ने अपने अदभूत भाषण से रोम की भीड़ को आंदोलित किया था , जैसा द साइकोलोजि ऑफ़ सेल्ज़मैनशिप ( नीयपोलियन हिल द्वारा ख़ुद के मन को प्रभावित करते हैं । )

सुझाव और आत्म-सुझाव में फ़र्क़ होता है – सुझाव से हम दूसरे के मन को प्रभावित करते हैं जबकि आत्म-सुझाव से हम अपने ख़ुद के मन को प्रभावित करते हैं ।सुझाव ज़्यादा असरदार होता है

 

सुझाव मनोविज्ञान के सबसे सूक्ष्म और शक्तिशाली सिद्धांतों में से एक है ।विज्ञान ने साबित कर दिया है की इस सिद्धांत कर दिया है इस सिद्धांत के विनाशकारी इस्तेमाल में किसी की जान तक ली जा सकती है , जबकि इसके सृजनतमक इस्तेमाल से सभी तरह के रोग ख़त्म किए जा सकते हैं ।

किसी काम करने वाले को फटकार लगाने के वजाय उसकी प्रशंसा की जाये और खुद को अच्छा समझने के लिए प्रेरित किया जाये ( सुझाव के जरिये ) तो ज्यादा अच्छे परिणाम हासिल किये जा सकते हैं।

 

जब हम अपने विचार दूसरों के मन में रखते हैं उन्हें यह महसूस कराते हैं की वे उनके मन में उत्त्पन्न हुए हैं तो इससे जबरदस्त फायदा।

 

 

मन उस वस्तु को अपनी ओर आकर्षित करता है जिस पर सबसे अधिक केंद्रित रहता है। मष्तिस्क को कुछ भी सुझाव देने से पहले इसे प्रभावहीन बनाना चाहिए

और हम अपने मन को प्रभावहीन बनाने से पहले सामान्य से ज्यादा विस्वास की स्तिथि पहुँचाना होगा। क्यूंकि सम्मोहन और कुछ नहीं है बल्कि प्रभावहीन मन के जरिये काम करने वाला सुझाव है।

हाँ कल्पना इतना शक्तिशाली है की आप अपने आपको बीमार भी कर सकते हैं और रोगमुक्त भी कर सकते हैं।काल्पनिक दर्द भी उतना ही खतरनाक होता है जितना की वास्तविक हमारे दिमाग में वो ताकत है बस इसका इस्तेमाल करना सीखना होगा और इस्तेमाल करने से पहले आपको अपने आप पर  विस्वास। सुझाव ज़्यादा असरदार होता है

 

positive shareing
0Shares