DIAMONDSHIP का मन्त्र

दोस्तों यदि आप नेटवर्क मार्केटिंग में हैं तो ये  लिए है। DIAMONDSHIP का मन्त्र । 

DIAMONDSHIP का मन्त्र
DIAMONDSHIP का मन्त्र

 

 

DIAMOND बनने के लिए सिर्फ हाथ-पे-हाथ रखकर सिर्फ सपनों का हवामहल बनाने से कुछ नहीं होगा,अपने सपनों को पूरा करने के लिए म्हणत एवं कार्ययोजना आवश्यक है।

 

 

 

 

 

 

DIAMONDSHIP का मन्त्र पहला मन्त्र-

घर से निकले बिना कुछ नहीं होगा।नेटवर्क मार्केटिंग ही नहीं, वरन किसी भी क्षेत्र में घर बैठे-बैठे बिना प्रयत्न्न किये

सफलता हासिल नहीं होती। यदि आप डायमंड बनना चाहते हैं तो सबसे पहले आराम का त्याग करिये,

सुख-सुविधाओं का त्याग करो। ना सुनने का भय मिटाइये।

DIAMONDSHIP का मन्त्र दूसरा मन्त्र-

उनकी सोंचिये जिनका क़र्ज़ चुकाना है। जीवन में आज तक जिन लोगों ने भी आपके लिए अपनी नींद और आराम का बलिदान किया है जिन लोगों ने भी आपके सुख की प्राथमिकता देते हुए सुख का त्याग किया,

जिन लोगों ने भी हरपल आपका ध्यान रखा और खुद के लिए उन्होंने कुछ नहीं सोंचा,आज उनके क़र्ज़ को चुकाने का वक़्त आ गया है। माता-पिता ,चाचा-चाची,भाई-बहन , ये किसी भी रूप में हो सकते हैं।

DIAMONDSHIP का मन्त्र तीसरा मन्त्र-

हरदिन पांच मिनट एकांत में बैठिये स्वयं का आकलन कीजिये। 

  • आज मैंने कौन सी नई बात सीखी ?
  • आज मैंने कितने नए नाम को लिस्ट में जोड़ा ?
  • मैं अपना लेवल कब बदल रहा हूँ ?
  • इस वीक मैं कितने का चेक बना रहा हूँ ?

याद रखिये, ये सवाल खुद से पूरी ईमानदारी से कीजियेगा, क्यूँकि खुद से बेईमानी करने वालों को तो ऊपर वाला भी ठुकरा देता है। 


DIAMONDSHIP का मन्त्र चौथा मन्त्र-

आपको यह याद रखना है की मुश्किलें आएँगी, यह तय है रस्ते साथ लाएंगी ,यह भी तय है। 

  • हर मुश्किल हालत में एक तीसरे तटस्त व्यक्ति की तरह सोंचिये ,अपने-आप हल नजर आने लगेगा। 
  • जब समय विपरीत चल रहा हो तो बैठकर आँशु बहाने के वजाय दुगुनी मेहनत कीजिये। 
  • जब मुश्किल आपका हौसला तोड़ने लगे, शांत बैठकर आँखें बंद कीजिये और अपने सपने को फिर से देखिये उस सपने के साथ आनेवाले सुखों को महसूस कीजिये। मुश्किलें बौनी लगेंगी।  

DIMONDHIP का पांचवां मंत्र

दूसरों के हाथ में जिंदगी की डोर मत दो। कल्पना कीजिये की आपने बाहत चाव से, एक शर्ट पहनी, किसी ने कहा की आप पे अच्छा नहीं लग रहा है और उसके बाद अपने वह शर्ट को दुबारा नहीं पहना।

आपने कोई व्यापर सुरु किया किसी ने आपके व्यापर की योजना को लेकर चार बुरी लाइन कह दी,आपने उस व्यापार को ही त्याग दिया।

लोग क्या कहेंगे सोंच कर आप अपनी अधिकांश उमंगों और अभिलाषाओं को अपने अंदर उमंगों को अपने अंदर ही दफ़न कर देते हैं। सोंचिये ,आप जी किसके लिए रहे हैं ,अपने लिए या दूसरों के लिए ?

 

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