Kadve pravachan- मुनी श्री तरुण सागर जी कड़वे प्रवचन

श्री तरुण सागर जी जिनके कड़वे प्रवचन आपकी ज़िन्दगी में मिठास भर देगी 

 Kadve pravachan- मुनी  श्री तरुण सागर जी कड़वे प्रवचन ।
Kadve pravachan- मुनी श्री तरुण सागर जी कड़वे प्रवचन ।

Kadve pravachan- मुनी श्री तरुण सागर जी कड़वे प्रवचन 

 

कभी तुम्हारे माँ- बाप तुम्हें डाँट दें तो बुरा न मानना बल्कि सोचना : गलती होने पर माँ- बाप नहीं डाँटेंगे तो कौन डाँटेगा ? 

और कभी छोटों से कोई गलती हो जाए तो यह सोंचकर इन्हें माफ़ कर देना की ग़लतियाँ छोटे नहीं करेंगे तो कौन करेगा ? 

भूल से घबराइए मत भूल उन्हीं से होती है जो कुछ करने की कोशिश करते हैं 

कड़वे वचन-मेरी वाणी कठोर हो सकती है ।

लेकिन ज़िंदगी जा सार इसी कठोर वाणी में है । तुम चाहते हो कि मैं तुम्हारे ज़ख्मों पर मरहम -पट्टी कर दूँ  और छोड़ दूँ ।

पर ऐसा नहीं करूँगा क्यूँकि यह ज़रूरी है ।बीमारी का लक्षण मिटाने से बीमारी नहीं मीटती ।

तुम्हें बुख़ार चढ़ा हो और ठंढे पानी में बैठ जाओ तो शरीर तो ठंढा हो जाएगा ।

साथ ही तुम भी ठंढे हो जाओगे ।


लक्षणों का इलाज नहीं करना है , बल्कि बीमारी का इलाज करना है ।

 

अपने घर बहुरानी मत लाना । 

 

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कड़वे प्रवचन -kadve pravachan

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लगनशील व्यक्तियों के पुरस्कार उस कष्ट से ज़्यादा बड़े होते हैं , जो विजय से पहले ज़रूर आता है । 

                                              – टेड एंग्ट्रामें 

 

शब्दों में वक़्ता की मानसिक अवस्था, चरित्र एर स्वाभाव की झलक दिख जाती है ।

       – पलूटार्क

ऐसे शब्द चुने जो आपको अपने लक्ष्य की दिशा में प्रेiरित करें ।

            – जेफ़ केलर 

मुस्कान चेहरे को सुंदर बनाने का सबसे सस्ता उपाय है । 

                       अज्ञात ।

अगर आप कहते हैं की आप अच्छे हैं या आपके साथ सबकुछ अच्छा है , तो ईश्वर आपके शब्द सुन लेगा और सच कर देगा । 

     – एल्वा वहिलर विलिकोक्स । 

बच्चों की तरह ही मुश्किलें भी पालने से बड़ी होती है – लेडी हौलैंड । 

 

हंसी के हमले के खिलाफ कुछ भी खड़ा नहीं हो सकता है।

हमेशा सही करो। यह कुछ लोगो को संतुष्ट करेगा और बाकी लोगों को चौंका देगा।

यदि आप करेंगे तो अपने कपड़े में सावधान रहें, लेकिन एक साफ आत्मा रखें।

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सब कुछ इसकी सीमा है – लौह अयस्क को सोने में शिक्षित नहीं किया जा सकता है।

                            -mark twain.

 

 

Kadve pravachan- मुनी श्री तरुण सागर जी कड़वे प्रवचन ।

 

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