असली या नक़ली

एक राजा के पास एक व्यक्ति आया और बोला – राजा साहब मुझे काम चाइए । तब राजा ने पूछा तुम क्या कर सकते हो ? क्या तुम्हारे अंदर कुछ गुण हैं ?उस व्यक्ति ने जवाब दिया – राजा साहब मैं कुछ ही दिनो में यह बता सकता हूँ की कोई भी चीज के बारे में की यह असली या नक़ली ।

 

राजा उसकी बात से प्रभावित होकर उसे नौकरी पे रख लिया और उसे नौकरी दी अस्तबल में घोड़ों की देखरेख को ।वह व्यक्ति बहुत दिल से उन घोड़ों की सेवा करने लगा ।

 

 

कुछ महीने बीतने के बाद एक दिन अचानक से राजा आया और पूछा उस व्यक्ति और भाई – क्या ख़याल इन घोड़ों के बारे में ? और यह घोड़ा कैसा है जिसे मैंने सबसे महँगे दाम पे ख़रीदा है , जो सबसे ख़ास घोड़ा है मेरा ।यह असली नस्ल का है या नक़ली ?

 

 

उस व्यक्ति ने जवाब दिया राजा साहब – यह घोड़ा जिसे आपने इतने महँगे दाम पे आपने ख़रीदा तो है पर यह असली नस्ल का घोड़ा नहीं है ।

 

राजा चौंक गया और पूछा कैसे ?यह तो आप उन्हीं से पूछो जिससे आपने यह घोड़ा ख़रीदा है ।

 

राजा ने उस घोड़े बेचने वाले को बुलवाया और पूछा – हाँ भाई सच बता क्या यह घोड़ा नक़ली है ? और बिलकुल सच बताना ।

 

वह व्यक्ति घबरा गया राजा की बातों से ।और बोला – राजा साहब जान सलामती की दुआ करता हूँ आपसे और यह सच है ये असली नस्ली घोड़ा नहीं है ।बचपन में ही इसकी माँ मर गई थी, तो इसे हमने पाला था गाय और भैंसों के बीच में ।

 

राजा को बहुत उस आश्चर्य हुआ और उस व्यक्ति को दरबार में बुलाया और पूछा – तुम्हें कैसे बात पता चली की यह घोड़ा असली नस्ल का नहीं है ।

 

तब उस व्यक्ति ने कहा – राजा साहब कोई भी घोड़ा घास खाते समय अपनी गर्दन को ऊपर करके खाता है, जबकि यह घोड़ा तो अपनी गर्दन नीचे करके खाता था ।

 

अब तो राजा उसके  काम से बहुत ख़ुश हुआ और राजा ने बहुत सारे मुर्ग़ी , अंडे और बहुत भेड़- बकरियाँ उसे दान में दे दिया ।

 

राजा उस व्यक्ति के जवाब से बहुत ख़ुश हुआ और उसे उन्नति देकर रानी के महल में नौकरी दे दी ।कुछ दिनों के बाद राजा जब रानी के महल में आया तो राजा ने उस व्यक्ति से पूछा क्यूँ रानी के बारे में क्या ख़याल है। ये असली हैं या नक़ली ?

 

व्यक्ति ने कहा – हुजूर जान की माफ़ी चाहिए ,

राजा ने कहा – हाँ दी । और बोलो ।

राजा साहब रानी भी नक़ली है । राजा के तो पैरों तले ज़मीन खिसक गई । उसने पूछा कैसे ? राजा साहब ये तो आप इनके माँ-पिता से ही पूछो ।

 

राजा ने रानी के माँ को बुलवाया तो रानी के माँ ने कहा – जी हुजूर रानी भी नक़ली है । बचपन में ही जो लड़की हमारी हुई थी उसे बहुत तेज़ बुखार आया और बहुत उसे। बचाने की कोसिस किया हमलोगों ने लेकिन वह नहीं बची , जिस राजकुमारी के साथ बचपन में ही आपका विवाह हुआ था ।

 

हमलोग बहुत डर गए की अब क्या करें सो हमने एक नौकरानी की लड़की को गोद ले लिया और यह वही नौकरानी की लड़की है ।

अब तो राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ पर उसके काम से बहुत ख़ुश हुआ और राजा ने बहुत सारे मुर्ग़ी , अंडे और बहुत भेड़- बकरियाँ उसे दान में दे दिया ।

राजा ने उसे अपने पास रख लिया उसकी उन्नति हो गई । कुछ दिनो के बाद राजा ने फिर पूछा कि तुम काफ़ी दिनो से मेरे साथ हो तुम्हारा क्या ख़याल है ? मैं असली हूँ या नक़ली ।

तब फिर उस व्यक्ति ने बोला – हुज़ूर जान की सलामती का वरदान चाहिए तब ही बोल पाउँगा ,

हाँ दिया जान की सलामती  – राजा ने कहा ।

हुज़ूर माफ़ करें आप भी नक़ली है ?

राजा के पैरों तले ज़मीन खिसक गई पूछा कैसे ?

आप तो अपने माँ – पिता से पूछिए ।

राजा ने अपने माँ- पिता से पूछा तो उन्होंने बताया कि पड़ोसी राजा के डर से हमने आपका परवरिश एक भेड़ पालने वाला गदेड़िया के यहाँ पर करवाया । और आपका बचपन वही उसी भेड़ पालने वाले के पास बिता ।

राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ – तुम्हें कैसे पता चला ?

महाराज आप यदि असली महाराज होते तो आप किसी काम से ख़ुश होते तो हीरे देते , जवाहरत देते , ज़मीन देते । लेकिन आप तो जब भी ख़ुश होते हमारे काम से तो आप भेड़- बकरियाँ , अंडे मुर्ग़ी दान में देते थे ।

सिख –

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नौकरी में सफलता

कोई भी नौकरी घटिया नहीं होती ,सिर्फ घटिया नजरिया होते हैं।
– विलियम बेनेट।

कामकाज ज्यादा तेजी से सफलता पाने लिए फोर्टीप्लस फार्मूला का उपयोग करें। इस फॉर्मूले के अनुसार हर सप्ताह चालीस घंटे बाद आप जितना ज्यादा काम करते हैं उसी से पता चलता है की आज से पांच साल बाद आप कहाँ होंगे ?
– ब्रायन ट्रेसी।

नौकरी में सफलता – कोई भी नौकरी घटिया नहीं होती ,सिर्फ घटिया नजरिया होते हैं।
– विलियम बेनेट।

हर ग्राहक के साथ ऐसे व्यवहार करें ,जैसे वे आपकी तनख्वाह के चेक पर हस्ताक्षर करते हों -क्यूंकि वे करते हैं।
– अज्ञात।

यहाँ नौकरी के क्षेत्र सफलता पाने का तीन सरल फार्मूला बताया जा रहा है – थोड़ी जल्दी आएं ,थोड़ी ज्यादा मेहनत से काम करें और थोड़ा ज्यादा देर तक ऑफिस में रुकें। इस फॉर्मूले का पालन करने पर आप अपने प्रतिस्पर्धा से इतना आगे निकल जायेंगे की वे कभी आपकी बराबरी नहीं कर पाएंगे।
-ब्रायन ट्रेसी।

यदि आप किसी क्षेत्र में सफलता हासिल करना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले यह पता लगाना चाहिए की उस क्षेत्र में सफलता कैसे की जाती है। फिर आपको उन योग्यताओं और गतिविधियों को तब तक बार-बार अभ्यास करना चाहिए ,जब तक की आपको परिणाम न मिलने लगें।

– ब्रायन ट्रेसी।
 

कोई भी मनुष्य यह नहीं मानना चाहता की उसने अपने पेसे के चयन में कोई ग़लती की है ।

– शर्लट ब्रैंट्ली ।

चाहे करियर चुनना हो या किसी परोपकारी संस्था के साथ जुड़ने का निर्णय लेना हो चुनाव दिल से होना चाहिए । अंततः आप ही हैं जिसे हर सुबह उठना पड़ता है और अपने काम का आनंद लेना है, इसलिए यह सुनिस्चित करें की यह आपके लिए मायने रखता हो ।

– डेव टामस ।

नौकरी

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अनुशासन क्या है ?

अनुशासन क्या है ? क्या अनुशासन का कोई मतलब कोई दिक्कत पैदा करना या कोई गलती हो जाने के बाद उसे दूर करना है ? क्या इसका मतलब कोई चीज ऊपर से से थोपना है ? क्या इसका अर्थ दुर्व्यवहार करना है ? क्या इसका अर्थ आजादी छीन लेना है ? 

इनमें से किसी का भी जवाब हाँ  है। अनुशासन का मतलब यह नहीं है की इंसान बेल्ट उठा कर पीटना शुरू कर दे।  यह तो पागलपन है।  अनुशासन मतलब  है दृढ़ता। यह एक दिशा है।

इसका मतलब समस्या पैदा होने से पहले ही उसकी वजह मिटा देना। इसका मतलब है ऊर्जा को बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की दिशा में प्रवाहित और व्यवस्थित करना।

अनुशासन प्यार का इजहार का एक तरीका है। कई बार हमको भलाई करने के लिए सख्ती करनी भी पड़ती है।सभी दवाइयां मीठी नहीं होती है और ना ही दर्द के बिना ऑपरेशन किये जा सकते हैं फिर भी हमें उनका सहारा लेना पड़ता है। 

अच्छे माँ- बाप का मिलना हमारी विरासत की बहुत बड़ी देन होती है। धोखाधड़ी वाले कामों से जुड़े माँ-बाप दुर्भाग्य से भावी पीडियों के लिए बुरे उदाहरण पेश करते हैं। 

आत्म – अनुशासन हमारे आनंद को खत्म  बढ़ाता है।  आपने देखा  होगा की कई सारे लोग प्रतिभा और क्षमता के बावजूद  नाकामयाब हैं। वे मायुश होते हैं और यह बात उनके व्यापार और सेहत और रिश्ते पर असर डालती है। वे संतुस्ट नहीं होते हैं और अपनी समस्याओं के  कप दोष देते रहते हैं। वे यह महसूस नहीं कर पाते हैं की कई समस्याएं अनुशासन की कमी से पैदा हुई है।   

आत्म – अनुशासन हमारे आनंद को खत्म  बढ़ाता है।  आपने देखा  होगा की कई सारे लोग प्रतिभा और क्षमता के बावजूद  नाकामयाब हैं।

वे मायुश होते हैं और यह बात उनके व्यापार और सेहत और रिश्ते पर असर डालती है। वे संतुस्ट नहीं होते हैं और अपनी समस्याओं के  कप दोष देते रहते हैं। वे यह महसूस नहीं कर पाते हैं की कई समस्याएं अनुशासन की कमी से पैदा हुई है। अनुशासन प्रेमभरी दृढ़ता है।

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अनुरूपता

सवाल ही जवाब  है

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शब्द के चुनाव-आपके शब्दों से ही आपकी तक़दीर बनती है

आपके शब्दों से ही आपकी तक़दीर बनती है । शब्द के चुनाव – आप जिन शब्दों का लगातार चुनाव करते हैं , वही आपकी क़िस्मत बनातेऔर बिगाड़ते हैं ।

  • एंथोनी रोबिन्स ।

क्या आपने सोंचा गम्भीरता से की आप दिन भर किस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं ? आप उन्हें कितनी सावधानी से चुनते हैं ? 

आपके शब्दों में बहुत शक्ति होती है । वे आपके भविष्य को बना या मिटा सकती है ।

आपके शब्दों से ही आपका बिस्वास दृढ़ होता है …..और आपका बिस्वास ही वास्तविकता तय करता है ।

शब्द के चुनाव के पहले आप इस प्रक्रिया के बारे में इस तरह सोंचें –

विचार > शब्द > बिस्वास > परिणाम 

शब्दों में वक्ता की मानसिक अवस्था, चरित्र और स्वभाव की झलक दिख जाती है ।

  • प्लुटार्क ।

अगर आप अब तक ग़लत भाषा बोलते रहे हैं तो यह ज़रूरी नहीं है की आप आगे भी अंधों की तरह ऐसा ही करते रहें ।

हालाँकि अपनी भाषा बदलने के लिए कड़े अनुशासन सर सतर्कता की ज़रूरत है लेकिन यह कोसिस की जा सकती है ।शब्द के चुनाव करें सकारात्मकता के लिए ।

याद रखें , ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना पूरी तरह आप पर ही निर्भर करता है , जो आपको ज़िंदगी में मनचाहि चीज़ों की ओर ले जा सके ।

आपके शब्द उस राह के अनुरूप होना चाहिए , जिस पर आप वास्तव में चलना चाहते हैं …..इसी हिसाब से काम करें…. और जल्द ही आप ख़ुद को अद्भुत दिशा में यात्रा करते हुए पाएँगे ।

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डर – साहस डर की अनुपस्थिति नहीं !

जिस चीज़ को करने से आपको डर लगता हो, उसे कर दें और उसे करते रहें …. यह डर पर विजय पाने का सबसे तेज़ और सबसे अचूक तरीक़ा है, जो आज तक खोजा गया है ।

  • डेल करनेगी। 

लोग जिन चीज़ों में सफल नहीं होते उनमें आधे से ज़्यादा कारण यह होता है की वे कोसिस करने से डर जाते हैं ।

स्वयं से प्रश्न
from google

जेम्स नोर्थकोट ।

साहस डर की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि यह निर्णय है कि कोई दूसरी चीज़ डर से ज़्यादा महत्वपूर्ण है ।

  • एम्ब्रॉज रैडमून ।

ग़लती – कभी ग़लती करने से ना घबराएँ ।लेकिन यह पक्का कर लें की आप एक ही ग़लती दो बार ना करें ।

  • आकियो मोरिटो ।

जल्दबाज़ी में महान बन्ने की कोसिस से सावधान रहें । १०००० में से एक कोसिस कामयाब हो सकती है । यह भयंकर सम्भावना है ।

  • लू गहरिग ।

जीवन में आपको वही मिलता है, जिसे माँगने का  आपमें साहस होता है ।

  • ओपरा विनफ़्री ।

जीवन में छोटी चीज़ों का आनंद लें, क्यूँकि एक दिन पलटकर देखेंगे और आपको अहसास होगा की वह बड़ी चीज़ें थी ।

  • रॉबर्ट ब्राल्ट ।

मुझे प्रशिक्षण के हर मिनट चिढ़ होती थी । लेकिन मैंने कहा, मैदान मत छोड़ो । अभी प्रशिक्षण ले लो और बाक़ी ज़िंदगी चैम्पीयन की तरह ही जीयो ।

  • मुहम्मद अली ।

कोई भी हमें हरा नहीं सकता, जब तक कि पहले हम ख़ुद को ना हरा दें ।

  • जेन क्रिश्चयन समटश ।

आप चाहे जिस मार्ग पर चलने का फ़ैसला करें , कोई ना कोई आपको बताता है की आप गलत हैं । मुश्किलें खड़ी होती है । जिससे आपके मन में यह मानने का प्रलोभन जागता है की आपके आलोचक सही कहते हैं । किसी दिशा का नक़्शा बनाना और फिर अंत तक उसका अनुसरण करने के लिए सैनिक के बराबर साहस की ज़रूरत होती है ।

– राल्फ़ वोल्डो इमरसन ।

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टीमवर्क-Teamwork

महान चुनौतियों में महान टीमवर्क की जरुरत होती है। किसी मुश्किल चुनौती के दबाव का सामना कर रही टीम के साथियों में सबसे जरुरी गुण हैं-सहयोग।  

जॉन मैक्सवेल। योग्यता मैच जिताती है,लेकिन चैम्पियनशिप टीमवर्क जिताता है।

   -माइकल जॉर्डन।

एक व्यक्ति किसी टीम के लिए अति महत्वपूर्ण घटक हो सकता है,लेकिन एक व्यक्ति टीम नहीं बन सकता है।                                                                        लिंडन बेन्स जॉनसन।

जब कोई अँधा किसी लंगड़े  उठाकर चलता है , दोनों आगे बढ़ते हैं।                                                                                -जोसफ स्टालिन। 

समूह में तब काम करना मुश्किल होता है ,जब खुद को सर्वशक्तिमान समझते हैं।                                                                           -स्टार ट्रैक।

 समस्याएं अवसर बन सकती हैं,बशर्ते सही लोग एकजुट हो जाएँ।                                                       -रोबर्ट रेडफ्र्क।

 यदि कोई टीम को अपनी क्षमता तक पहुंचना है,तो हर कोई खिलाडी को अपने व्यक्तिगत ध्येय टीम के हिट के अधीन रखने के लिए तैयार रहना चाहिए।                                                                         – बड विल्किंसन। 

अगर मुझे नेतृत्व का कोई एक अचूक साधन बताना हो,यह संवाद होगा।                                                                            – जॉन डब्ल्यू गार्डनर। 

यह न पूछें की टीम के साथी आपके लिए क्या कर सकते हैं। यह पूछें की आप टीम के साथियों के लिए क्या कर सकते हैं।                                                                          -ईयरविन

 यदि कोई चीज बुरी होती है,तो वह मैंने की है। अगर कोई चीज आधी अच्छी होती है। तो हमने की है। अगर कोई चीज सचमुच अच्छी होती है ,तो वह आपने की है। फुटबॉल मैच जितनेव में लोगों को प्रेरित करने के लिए बस इतने की ही जरुरत होती है।                                                                                 – बियर ब्राएंट।

यदि आप सुरक्षित जीवन जीने का विकल्प चुनते हैं , तो आप कभी नहीं जान पाएंगे की जितना कैसा होता है।                                                                                 -रिचर्ड ब्राइंस। 


प्रतिष्ठा बनाने में  20 साल लग जाते हैं और उसे बर्बाद करने में सिर्फ पांच मिनट लगते हैं। अगर आप इस बात को ध्यान में रखते हैं ,तो आप चीजों को अलग तरीके से करेंगे।                                                                                       – वारेन बफेट। 

पागलपन क्या है ? 

पागलपन वही चीज़ बार-बार करना और भिन्न परिणामों की आशा करना है ।

  • आइंस्टाइन ।

कारण और परिणाम का नियम :- यदि आप वह करते हैं , जो दूसरे सफल लोग करते हैं, तो परिणाम अंततः वही परिणाम मिलेंगे, जो दूसरे सफल लोगों को मिले हैं ।

  • ब्रायन ट्रेसी ।

यदि आप परिणामों की पर्याप्त परवाह करते हैं, तो आप निश्चित रूप से इसे हासिल कर लेंगे ।

  • विलियम जेम्स ।

विपत्ति से बेहतर शिक्षक दूसरा नहीं है । हर पराजय, हर दुःख , हर नुक़सान में इसका ख़ुद का बीज , इसका ख़ुद का सबक़ छिपा होता है की आप अगली बार अपने प्रदर्शन को कैसे बेहतर बना सकते हैं ।

  • मण्डिनो ।

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अनुरूपता-बिना सोंचें समझे भीड़ के अनुरूप चलने की मनहस्थिति

अनुरूपता  – महान मनोवैज्ञानिक रोलों मे ने एक अद्भुत किताब लिखी है उस किताब का नाम है मनुष्य की स्वयं की खोज – इस पुस्तक में उन्होंने कहा है , हमारे समाज में हौसले और साहस के विपरीत कायरता नहीं है बल्कि अनुरूपता है । यानी बिना सोंचें समझे भीड़ के अनुरूप चलने की मनहस्थिति ।

सफलता – सफलता का अर्थ है कि किसी महान लक्ष्य निर्धारित कर उस दिशा में आगे बढ़ना ।

एक आदमी पहले से लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ रहा है और वो जानता है कि उसे कहाँ जाना है तो वह आदमी सफल है ।और

जो आदमी ऐसा नहीं कर रहा है वो आदमी असफल है ।यानी सफलता निर्धारित लक्ष्य के तरफ़ आगे बढ़ना है ।


अधिकांश लोग वैसा ही कर रहे हैं जैसा दूसरे कर रहे हैं ।ये जाने- समझे बग़ैर की क्यूँ ।अनुरूपता एक भयंकर बीमारी बन कर उभर रही है । 

लगभग सात वर्ष की उम्र से पढ़ना सुरु कर देते हैं और लगभग पच्चीस के होते-होते हम रोज़ी- रोटी कमाना सुरु कर देते हैं ।साथ ही परिवार की देखभाल भी ।

लेकिन पैंसठ उम्र का  होने पे भी हम यह नहीं सिख पाते हैं कि हम की आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और निश्चिन्त कैसे हुआ जाए ? क्यूँ , क्यूँकि हम औरों के लिक पर चलते हैं ।

आप बस ठान लें अपने सपने को पूरा करने के लिए क्यूँकि अगर आप ठान लेते हैं ये ब्राह्मण भी आपकी मदद करना सुरु कर देता है ।

हर प्रश्न के उत्तर मिल जाएँगे ।आप महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं बस यह याद रखें अपना आत्म्छवि को ऊँचा और ऊँचा रखें ।अनुरूपता को त्याग करें ।

कोई एक विचार चुन लो, उसी को अपना जीवन बना लो, इसके बारे में सोंचों, उसका सपना देखो, उसके साथ जीयो । अपने दिमाग़ , मांसपेशियाँ, सनायु, शरीर के हर हिस्से को उस विचार से भर जाने दो, बाक़ी सभी विचारों को पीछे छोड़ दो । यही सफलता का रहस्य है इसी तरीक़े से आध्त्य्मिक महापुरुष उत्पन्न होते हैं ।

                           – स्वामी विवेकानन्द ।


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दिल खोल कर हँसे – लाफ़्टर चैलेंज

दिल खोल कर हँसे – लाफ़्टर चैलेंज आप यह लाफ़्टर चैलेंज ज़रूर लेना चाहिए । इसके फ़ायदे के बारे में जानकार आप हैरान रह जयेंगे । 

जब हम हँसते हैं , तो क्या होता है ?  जब हम हँसते हैं, तो क्या होता है ?

  • दिल खोल कर हँसने से रक्तचाप सामान्य होने में मदद मिलती है ।
  • साँस काफ़ी गहरी हो जाती है , जो पूरे शरीर में ओक्सीजन से भरपूर रक्त और पोषक तत्व भेजती है ।
  • दिल खोल कर हँसने से तनाव के हार्मोन घटते हैं ।जो की शरीर के लिए बहुत अच्छा है ।
  • हृदय का बचाव होता है ।दिल खोल कर हँसे – यह हृदय रोगों में भी बचाव करने में सहायक होता है ।
  • आँतों की कार्यक्षमता बढ़ती है ।पेट के हिस्सों को सही जगह रखने वाली मांसपेशियाँ मजबूत होती है ।
  • हँसने से आपके भोजन के पाचन में सहायता मिलती है ।
  • कई मिनट तक रोविंग मशीन या व्यायाम करने वाली बाइक चलाने से जितनी कैलोरी ख़र्च होती है । दिल खोलकर हँसने से भी उतनी ही कैलोरी ख़र्च होती है ।

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धनवान कैसे बने

पंचतंत्र की कहानी अपमान आपका पीछा करती है

  • हँसी से दिमाग़ के दोनो हिस्से उत्तेजित होते हैं व सिखने की क्षमता बढ़ती है । मांसपेशियाँ का और मानसिक तनाव घटता है । इससे दिमाग़ चुस्त रहता है । व व्यक्ति अधिक जानकारी को सहेज सकता है ।
  • हँसी इन्फ़ेक्शन से लड़ने वाली ऐंटीबाडीज़ को बढ़ाती है इसलिए दिल खोल कर हँसे ।
  • यह नकारात्मकता को मिटाकर रवैए में सुधार लाता है और पूरे व्यक्तित्व को विकसित करता है ।
  • सुरुआत में आप नक़ली हँसी से सुरु कर सकते हैं , फिर झट से अपनी ज़िंदगी की किसी मज़ाक़िया घटना पर आ जाएँ , जिसने आपको ज़ोर- ज़ोर से हँसने पर मजबूर किया हो ।तब आपको हँसी को असली और स्वाभाविक बनते देर नहीं लगेगी । हँसी एक शॉक एब्ज़ोर्बर की तरह ज़िंदगी के झटकों को हल्का करती है । यहाँ तक की नक़ली हँसी से उतना हि लाभ  पहुँचता है ।
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अनुशासन

अनुशासन- अनुसासन की हमारी ज़िंदगी में ज़रूरी है आप इस पोस्ट से समझ पाएँगे ।

आप इस संसार में जो भी करना चाहें, कर सकते हैं , बशर्ते आप इसे सिद्दत से चाहते हों – और क़ीमत चुकाने के ईकक्षुक हों । 

  • मेरी के एश ।

अनुशासन ही लक्ष्यों और उपलब्धियों के बीच का पुल है ।

 – जिम रॉन ।

इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता की आप क्या हासिल करने कि कोसिस कर रहे हैं ।फ़र्क़ केवल अनुशासन से पड़ता है ।

  • विल्मा रूडोल्फ़ ।

जो बग़ैर अनुशासन के जिता है वो बग़ैर सम्मान के मरता है ।

  • सूक्ति।

असफलता और दुःख का मुख्य कारण उसे न करना है, जिसे आप ज़्यादा चाहते हैं और बजाय उसे करना है , जिसे आप तुरंत चाहतें हैं ।

  • जिग जिगलर ।

जो व्यक्ति अवसर को पकड़ नहीं पाते हैं , देवता भी उनकी नहीं कर सकते हैं । 

  • चीनी सूक्ति ।

ख़ुद में आत्मविश्वास किसी भी सफल अभियान को बनाने वाली सबसे अहम ईंटों में से एक होता है ।

  • लीडिया चाइल्ड ।

कारोबार में साहस ही पहली, दूसरी और तीसरी आवश्यकता है ।

  • एच जी बॉन ।

मैं हमेशा सोंचता था की मैं पेशेवर खिलाड़ी बन सकता हूँ । मुझे अपनी योग्यता पर भरोसा था । आपको भरोसा करना ही पड़ता है ख़ुद पर । अगर आप भरोसा नहीं करेंगे, तो कौन करेगा ? 

जॉनी यूनिटॉज़ ।

लोगों में बस थोड़ा सा फ़र्क़ होता है, लेकिन उस थोड़े से बड़ा फ़र्क़ पड़ता है । थोड़ा फ़र्क़ है – नज़रिया । बड़ा फ़र्क़ यह सकारात्मक है या नकारात्मक ।
  • विली जॉली 
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जॉन रॉकफेलर- शहर का सबसे अमीर आदमी

 एक व्यापारी अपने व्यवसाय में पूरी तरह से क़र्ज़ में डूब गया था। एक बार वह व्यापारी उदास होकर एक बगीचे में बैठा-बैठा अपने बिज़नेस को लेकर चिंतित था की अब तो व्यापार बंद हो जायेगा और यह सोंचकर बहुत निराश था,और सोंच रहा था की काश कोई कंपनी को बंद होने से बचा ले।

 

तभी एक बूढ़ा आदमी उसके पास आकर उसके बेंच पे बैठ गया और उस उदाश व्यापारी की तरफ देखकर बोला-आप बहुत चिंतित लग रहे हैं ,क्या आप अपनी समस्या बता सकते हैं मुझे ? शायद मैं आपकी कुछ मदद कर सकूँ ?

 

व्यवसायी ने अपनी समस्या उस बूढ़े व्यक्ति को सुनाई और व्यवसायी की समस्या सुनकर बूढ़ा व्यक्ति ने अपनी जेब से चेक बुक निकाला और एक चेक पे अपना दस्तखत करके उस व्यवसायी को दे दिया और कहा-तुम यह चेक रखो ,एक वर्ष बाद हम यहाँ फिर मिलेंगे तो तुम मुझे पैसे वापस लौटा देना। 

 

व्यवसायी ने चेक देखा तो उसकी आंख्ने फटी रह गई – उसके हाथ 50 लाख का चेक था जिस पर उस सहर का सबसे अमीर आदमी जॉन रॉकफेलर के साइन थे। 

 

उस व्यवसायी को विस्वास नहीं हो पा रहा था की वह बूढ़ा आदमी  नहीं बल्कि उस शहर का सबसे अमीर आदमी जॉन रॉकफेलर था। 

 

वह अपने चेक के ऊपर से नजर हटाया और फिर से उस आदमी के तरफ देखना चाहा तबतक वह व्यक्ति जा चूका था। व्यवसायी बहुत खुस था अब उसकी साडी चिंताएं समाप्त हो गई है और अब वह इन पैसों से अपने व्यवसाय को फिर से खड़ा कर देगा। 

 

लेकिन उसने निर्णय किया की वह चेक को तभी इस्तेमाल करेगा जब उसे इसकी बहुत जरुरत होगी और उसके पास कोई और दूसरा उपाय या रास्ता नहीं होगा। 

 

उस व्यक्ति की निराशा और चिंताएं दूर हो चुकी थी। अब वह निडर होकर अपने व्यवसाय को नए आत्मविश्वास के साथ चलाने लगा क्यूंकि उसके पास 50 लाख रुपये का चेक था जो जरूरत के समय वह इस्तेमाल कर सकता था सकता था। 

 

उसने कुछ समय में ही कुछ अच्छे व्यापारियों के साथ अच्छे समझौते किये जिससे धिरे-धीरे उसका व्यवसाय फिर से अच्छा चलने लगा और उसने उस चेक का इस्तेमाल किये बिना अपना सारा क़र्ज़ चूका दिया और अपने व्यापार में भी सफल हो गया। 

 

ठीक एक वर्ष बाद वह व्यवसायी वही चेक लेकर उस बगीचे में जा पहुंचा जहाँ एक वर्ष पहले वह बूढ़ा आदमी उससे मिला था। 

 

वहां उसे वह बूढ़ा आदमी मिला,व्यवसायी ने चेक वापस करते हुए कहा-धन्यवाद आपका आपने बुरे समय में मेरी मदद की। आपने इस चेक को देकर इतनी हिम्मत दी की मेरा व्यवसाय फिर से खड़ा हो गया और मुझे इस चेक का उपयोग करने की कभी जरुरत ही नहीं पड़ी। 

वह अपनी बात पूरी करता तभी वहां पर पास ही के पागलखाने से कुछ कर्मचारी आ पहुंचे और उस बूढ़े आदमी को पकड़कर पागल खाने ले जाने लगा। 

 

यह देखकर व्यवसायी ने कहा-यह आप क्या लार रहे हैं ?आप जानते हैं यह कौन हैं ?

 

यह इस शहर के सबसे अमीर व्यक्ति जॉन रॉकफेलर है। 

 

पागलखाने के कर्मचारी ने कहा-यह तो पागल है जो खुद को जॉन रॉकफेलर समझता है। यह हमेशा भागकर इस बगीचे में आ जाता है और लोगों से कहता है की वह इस शहर का मशहुर व्यक्ति जॉन रॉकफेलर है। हमें लगता है की इसने आपको भी बेवकूफ बनाया होगा। 

 

वह व्यव्सायी पागलखाने के कर्मचारी की बातें सुनकर सुन्न हो गया। उसे यकीं नहीं पा रहा था की वह व्यक्ति जॉन रॉकफेलर नहीं था। और एक वर्ष जिस चेक के दम पर वह आराम से अपने व्यवसाय में जोखिमें उठा रहा था वह नकली चेक था। 

 

वह काफी देर सोंचता रहा ,फिर उसे समझ में आया की वह उस पैसे के दम पर उसने अपना व्यवसाय वापस खड़ा किया है बल्कि यह तो निडरता और आत्मविश्वास था जो उसके भीतर ही था। 

 

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शिक्षा – हमारे भीतर समस्त ब्रह्माण्ड की शक्ति निहित है और जिसके दम पर हम कुछ भी कर सकते हैं लेकिन समस्या यह की हम कभी-कभी नकरात्मकता ,निराशा और डर के अन्धकार में इतना डूब जाते हैं की हम भूल जाते हैं अपने क्षमतओं और ताकतों को। 

 

हमारे भीतर असीमित शक्ति है जो अन्धकार को पल भर में दूर कर सकती है। जब हम आत्मविश्वास और निडरता का रास्ता चुनते हैं तो सारी रुकावटें खत्म हो जाती हैं। 

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पैरेडाइम की शक्ति

पैरेडाइम की शक्ति 

पैरेडाइम उन सही सिद्धांतों को आत्मसात करने का प्रतिनिधित्व करती है , जो स्थायी सुख और सफलता की निव है । 

पैरेडाइम की शक्ति

पैरेडाइम( paradigm) शब्द ग्रीक भाषा से आया है । यह मूलतः वैज्ञानिक शब्द है और आजकल इसका प्रयोग आमतौर पर प्रतिमान, सिद्धांत, मान्यता या दृष्टिकोण के अर्थ में किया जाता है ।

अधिक सामान्य रूप में, यह वह तरीक़ा है जिससे हम दुनिया को देखते हैं ।

हमारे उद्देश्यों के लिए पैरेडाइमस को समझने का आसान तरीक़ा उन्हें नक्शों के रूप में देखना है । हम सब जानते हैं कि नक़्शा क्षेत्र नहीं होता ।यह तो सिर्फ़ वास्तविक क्षेत्रों के कुछ पहलुओं को स्पष्ट करता है ।और पैरेडाइमस यही करता है ।

मान लीजिए शिकागो में किसी ख़ास जगह पर पहुँचना चाहते हैं ? अगर आपके पास शहर का नक़्शा हो, तो आपको आपकी मंज़िल तक पहुँचने में मदद मिलेगी । परंतु आपको ग़लत नक़्शा दे दिया जाए , तो आप उस कुंठा और असफलता की कल्पना कर सकते हैं जिसका सामना आपको शिकागो में अपनी मंज़िल तक पहुँचने की कोसिस करते समय करना पड़ेगा ? 

पैरेडाइम परिवर्तन की शक्ति – 

कूहन बताते हैं की वैज्ञानिक प्रयास के हट क्षेत्र में लगभग हर महत्वपूर्ण सफलता परम्परा तोड़ने, सोंचने के पुराने तरीक़े से मुक्त होने और पुराने पैरेडाइमस में परिवर्तन करने से हासिल हुई है ।

पैरेडाइम परिवर्तन की एक कहानी – एक बार ट्रेन में रविवार की सुबह को एक व्यक्ति अपने बेटे के साथ जो की १८ साल का एक जवान था आया और खिड़की के किनारे वो लड़का बैठ गया और जैसे ही ट्रेन चली तो वो लड़का बहुत ज़ोर-ज़ोर से ताली बजाने लगा वाह! वाह ! पापा देखो पत्ते हरे-हरे है। पापा देखो बाहर कितना अच्छा लग रहा है ? हर चीज़ को देखकर ख़ुश हो रहा था । 

यह सबकुछ सामने वाला सीट पे बैठा व्यक्ति देखते- देखते वो चिल्ला उठा अरे भाईसाहब ये पागल है इसे आप संभाल कर रखिए ।

तभी उसके पिता बोले – नहीं, नहीं ये पागल नहीं है अभी-अभी इसका आँख का ऑपरेशन हुआ और ये बचपन से अंधा था , ऑपरेशन सफल रहा। अब ये देख सकता है । इसने अभी- अभी नया सबकुछ देखना सुरु किया जिससे ये उत्साहित है । 

क्या लग रहा है आपको उस व्यक्ति का उस लड़के के प्रति पैरेडाइमस बदला होगा या नहीं ? 

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DIAMONDSHIP का मन्त्र

DIAMONDSHIP का मन्त्र
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DIAMONDSHIP का सच -DIAMOND बनने के लिए सिर्फ हाथ-पे-हाथ रखकर सिर्फ सपनों का हवामहल बनाने से कुछ नहीं होगा,अपने सपनों को पूरा करने के लिए म्हणत एवं कार्ययोजना आवश्यक है।

DIAMONDSHIP का मन्त्र पहला मन्त्र- घर से निकले बिना कुछ नहीं होगा।नेटवर्क मार्केटिंग ही नहीं, वरन किसी भी क्षेत्र में घर बैठे-बैठे बिना प्रयत्न्न किये

सफलता हासिल नहीं होती। यदि आप डायमंड बनना चाहते हैं तो सबसे पहले आराम का त्याग करिये, सुख-सुविधाओं का त्याग करो। ना सुनने का भय मिटाइये।





DIAMONDSHIP का मन्त्र दूसरा मन्त्र- उनकी सोंचिये जिनका क़र्ज़ चुकाना है। जीवन में आज तक जिन लोगों ने भी आपके लिए अपनी नींद और आराम का बलिदान किया है जिन लोगों ने भी आपके सुख की प्राथमिकता देते हुए सुख का त्याग किया,

जिन लोगों ने भी हरपल आपका ध्यान रखा और खुद के लिए उन्होंने कुछ नहीं सोंचा,आज उनके क़र्ज़ को चुकाने का वक़्त आ गया है। माता-पिता ,चाचा-चाची,भाई-बहन , ये किसी भी रूप में हो सकते हैं।

DIAMONDSHIP का मन्त्र तीसरा मन्त्र- हरदिन पांच मिनट एकांत में बैठिये स्वयं का आकलन कीजिये। 

  • आज मैंने कौन सी नई बात सीखी ?
  • आज मैंने कितने नए नाम को लिस्ट में जोड़ा ?
  • मैं अपना लेवल कब बदल रहा हूँ ?
  • इस वीक मैं कितने का चेक बना रहा हूँ ?

याद रखिये, ये सवाल खुद से पूरी ईमानदारी से कीजियेगा, क्यूँकि खुद से बेईमानी करने वालों को तो ऊपर वाला भी ठुकरा देता है। 
DIAMONDSHIP का मन्त्र चौथा मन्त्र- आपको यह याद रखना है की मुश्किलें आएँगी, यह तय है रस्ते साथ लाएंगी ,यह भी तय है। 

  • हर मुश्किल हालत में एक तीसरे तटस्त व्यक्ति की तरह सोंचिये ,अपने-आप हल नजर आने लगेगा। 
  • जब समय विपरीत चल रहा हो तो बैठकर आँशु बहाने के वजाय दुगुनी मेहनत कीजिये। 
  • जब मुश्किल आपका हौसला तोड़ने लगे, शांत बैठकर आँखें बंद कीजिये और अपने सपने को फिर से देखिये उस सपने के साथ आनेवाले सुखों को महसूस कीजिये। मुश्किलें बौनी लगेंगी।  

DIMONDHIP का पांचवां मंत्र – दूसरों के हाथ में जिंदगी की डोर मत दो। कल्पना कीजिये की आपने बाहत चाव से, एक शर्ट पहनी, किसी ने कहा की आप पे अच्छा नहीं लग रहा है और उसके बाद अपने वह शर्ट को दुबारा नहीं पहना। आपने कोई व्यापर सुरु किया किसी ने आपके व्यापर की योजना को लेकर चार बुरी लाइन कह दी,आपने उस व्यापार को ही त्याग दिया।

लोग क्या कहेंगे सोंच कर आप अपनी अधिकांश उमंगों और अभिलाषाओं को अपने अंदर उमंगों को अपने अंदर ही दफ़न कर देते हैं। सोंचिये ,आप जी किसके लिए रहे हैं ,अपने लिए या दूसरों के लिए ?

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इंसान जो सोंचता है वही बन जाता है।

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iPhone xs, iPhone xs max, dual sim

कल एक भव्य समारोह में आइफोन xs मैक्स लॉंच किया गया ।iPhone xs max  का price इंडिया में 1,40,000/- तक जा सकता है । 

CEO टीम कूक ने दावा किया की iPhone  दुनिया का नम्बर 1 फ़ोन है । जो की ९८ %( नाइंटी एट persent) आइफ़ोन से संतुष्ट हैं ।

Size- 6.5 ( iPhone का सबसे बड़ा अबतक का स्क्रीन ) oled स्क्रीन ke साथ लॉंच हुआ है ।

इसका वज़न तक़रीबन १७८ ग्राम से २०८ ग्राम तक सकता है ।इसका storage 512 जी॰बी॰ तक किया गया है । सभी फ़ोन फ़ेस lock दिया गया है ।आप इस फ़ोन के ज़रिये video call जिनकी आप एच॰डी॰ quality में कर सकते हैं और साथ ही आप १०८० मेगा पिक्सल में record भी कर सकते हैं ।


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एक लड़की की जीवन बदल देने वाली कहानी

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स्वयं से प्रश्न

स्वयं से प्रश्न

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क्या आप स्वयं से प्रश्न पूछते हैं ?-याद करने की कोसिस कीजिये ,पिछली बार,कब आपने एकांत में बैठकर स्वयं से कुछ प्रश्न पूछे और अंतरात्मा से ईमानदार उत्तर लिया। बहुत कम लोग ही ऐसा करते हैं ,खुद से प्रश्न करनेवाले का प्रतिसत दुनिया में बहुत कम है। 

 

खुद से प्रश्न करना बहुत कठिन है क्यूंकि हमारा मन सारे प्रश्नों का उत्तर जानता है। यदि आपका जीवन मूल्य स्पष्ट है और आप उन मूल्यों पर आधारित जीवन जी रहे हैं,तो आपको स्वयं से प्रश्न करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। 

 

 

यदि आपके जीवन के लक्ष्य स्पस्ट नहीं है ,आपके कार्य योजना स्पस्ट नहीं है ,आपके जीवन मूल्य स्पस्ट नहीं है तो आपको स्वयं से प्रश्न करने में दिक्कत महसूस होगी। 

 

हर रोज स्वयं से प्रश्न कीजिये जो आपके कानों में मिश्री घोलते हों और ऐसे प्रश्न भी कीजिये जो आपके कानों में सीसा उड़ेलते हों। जिंदगी में सरे उत्तर आपके भीतर से ही पैदा होंगे। 

 

प्रश्न जो आपकी जिंदगी बदल सकते हैं। 

  • मेरे जिंदगी जीने का उद्देश्य क्या है , दुनिया से जाने के बाद मैं किस रूप में जाना चाहूंगा ?

  • किस काम को करते हुए  मैं सर्वाधिक खुसी महसूस करता हूँ और करूँगा। 

  • मेरे भीतर कौन-कौन सी प्रतिभा है ,जो मुझे भीड़ से अलग पहचान दे सकती है ?

  • आज से दस वर्ष बाद मैं खुद को किस मुकाम पर देखना चाहूंगा। 

  • आज से दस वर्ष बाद खुद को किस मुकाम पर देखना चाहूंगा ?

 

प्रतिदिन सुबह स्वयं से प्रश्न कजिये –

  • कौन से तीन कार्य ऐसे हैं जिन्हें मैं आज करूँगा। 

  • आज मैं ऐसा क्या करूँ जिससे मेरे आसपास के लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ सके। 

  • आज के दिन को बाईट हुए दिन की तुलना में ज्यादा खास बनाने के लिए क्या कर सकता हूँ ?

 

प्रतिदिन सोने से पूर्व स्वयं से प्रश्न कीजिए –

  • क्या आज मैंने ऐसा कोई गलत कार्य किया है , जिसे मुझे नहीं करना चाहिए था ?

  • क्या आज हर कार्य मैंने अपनी सर्वश्रेष्ठ योग्यता  से किया ?

  • क्या मैंने आज के दिन के समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग किया ?

 

बार-बार खुद से पूछने पर जो आपके अंतर्मन से निकले उत्तर आपकी जिंदगी बदल देगी। 


Motivational lines –


सभी उत्तर जानने से कुछ प्रश्न जानना ज्यादा अच्छा है।                                – जेम्स थर्बर। 

 

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धन्यवाद दोस्तों ,

आप सभी पाठकों का बहुत बहुत सुक्रिया की आपलोगों के कारण इस  ब्लॉग का पॉपुलैरिटी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। दिल से आप सभी का धन्यवाद शेयर और लाइक करने की लिए। आज का पोस्ट मैंने लिया है डॉ उज्जवल पाटनी के किताब – पावर थिंकिंग से। 

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इच्छा

इच्छा इच्छा – सफल होने के लिए प्रेरणा किसी मकसद को हासिल करने की गहरी इच्छा से जन्म लेती है। इच्छा बहुत ही जरुरी तत्व है सफलता के लिए। नेपोलियन हिल ने भी लिखा है -इंसान का दिमाग जिन चीजों को सोंच सकता है,  पर यकीं कर सकता है ,उन्हें हासिल भी कर सकता है। 

 

 

आखिर सफलता के लिए इच्छा कैसा होना चाहिए ?  छोटा सा कहानी बताने जा रहा हूँ। 

 

एक यूवक सुकरात ( जो की बहुत ही सफल व्यक्ति थे ) से सफलता का रहस्य पूछा ? सुकरात ने उस युवक से अगर आप सफलता का रहस्य जानना चाहते हैं कल सुबह  नदी के किनारे मिलना। दूसरे दिन युवक सुकरात से मिलने नदी के किनारे सुबह-सुबह पहुँच गया ,अभी सूर्य की लालिमा आने को थी। 

सुकरात ने उस युवक को बोला की आप मेरे पीछे-पीछे आओ और वो खुद नदी के अंदर धीरे-धीरे जाने लगे। सुकरात पानी के उस तल तक नहीं पहुँच गए जहाँ पे पानी उनके गर्दन तक पहुंच रहा था और उस युवक के भी पानी उसके गर्दन डूबने तक था।

 

तो अचानक से सुकरात पीछे मुड़कर अचानक युवक सर पानी  दिया। युवक पानी से निकलने  छटपटाने लगा वो बहुत जोर से अपने हाथ पैर को चलाने लगा की कैसे सुकरात के चंगुल से बच जाएँ। लेकिन चूँकि सुकरात ताकतवर थे और शरीर से हट्टे-कट्टे थे तो युवक विफल रहा छुड़ाने में। 

 

सुकरात ने उस युवक को पानी में डुबोये रखा। युवक का शरीर नीला पड़ने लगा, तब सुकरात ने उसका सर को पानी से बाहर निकाला ,उस युवक का सर जैसे ही पानी से बाहर आया उस युवक ने सबसे पहले गहरे-गहरे सांस लेने लगा बिना कुछ बोले। जब थोड़ शांत हुआ सबकुछ तो उस युवक ने पूछा -ऐसा क्यों किया आपने ?

 

 

सुकरात ने पूछा -जब तुम पानी के अंदर थे तो तुम्हें सबसे ज्यादा किस चीज की जरुरत थी ? युवक ने जवाब दिया – हवा की 

 

सुकरात ने कहा- सफलता का यही रहस्य है। जब तुम्हें सफलता हासिल करने की वैसी ही तीव्र इच्छा होगी जैसी की पानी के अंदर हवा के लिए हो रही थी , तब तुम्हें सफलता मिल जाएगी। 

 

गहरी इच्छा हर उपलब्धि की शुरुआती बिंदु होती है। जिस तरह छोटी सी आग की लपटें अधिक गर्मी नहीं दे सकती ,वैसे ही कमजोर इच्छा बड़े नतीजे नहीं दे सकती। 

 

MOTIVATIONAL LINE-

 

आप लक्ष्य तक न तो किनारे खड़े रहकर पहुँच सकते हैं, और न ही धारा के साथ बहकर। आपको कभी हवा के साथ ,तो कभी हवा के विपरीत नाव खेनी होगी ,लेकिन उसे लगातार खेते रहना होगा। 

 

 

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