मुनिश्री तरुण सागर जी के कड़वे वचन हिंदी में

चार चीजें कभी टिकती नहीं है। एक फ़क़ीर के हाथ में धन। दो चलनी में पानी। तीन श्रावक का मन और चार संत-मुनि के पैर।