यह चिज क्या है जिसे प्यार कहते है ?

Love

यह चिज क्या है जिसे प्यार कहते है ?  – प्यार वह मजबूत नींव है जिस पर किसी भी अच्छी शादी का निर्माण होता है और शादी का अर्थ होता है परिवार और देश की नींव है ।




आइए एक क्षण के लिए प्यार पर ग़ौर करें । कवि लोग इस बारे में लिखते हैं , गायक इसके बारे में बात करता है , और असल मे यह है क्या , इस बारे हर किसी के मन में अपने विचार हैं । इसमें मैं भी समिल हूँ ।

 

फ़र्स्ट कोरिथियन के तहरवें अध्याय में बहुत सुंदर चित्रण है सच्चा प्यार होता कैसा है । लोकक्योक्तीयों की किताब सिखाती है की प्यार सभी पापों को ढक देता है । जीसस क्राइष्ट ने कहा – पहले ईश्वर को मालिक समझकर प्यार करो , फिर पड़ोसी को अपने जैसा समझ कर प्यार करो ।

 

मनोवैज्ञानिक और विवाह-सलाहकार कहते हैं की कोई पिता अपने बच्चों के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण काम कर सकता है तो वह है उन बच्चों के माँ को प्यार करना है और कोई माँ अपने बच्चों के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण काम कर सकती है तो उन बच्चों के पिता को प्यार करना है ।

 

अपनी पीढ़ी में हम देखते हैं की प्यार और सेक्स ( काम ) का उल्लेख एक साथ इतना अधिक होता है कि बहुत लोग सोंचते हैं की ये समानार्थी हैं । पर स्पष्ट रूप से ऐसा नहीं है ।

 

प्यार पूर्णतया निस्वार्थ भावना है जो आप दूसरों के लिए रखते हैं ।कामुकता ( सेक्स) पूर्णतया स्वार्थी है ।बाईबल में एक भी स्थान पर दोनो को साथ-साथ नहीं रखा गया है । पर आज के आधुनिक व्यक्ति स्वार्थी एवं वाणिज्यकि के कारण दोनो में साहचर्य स्थापित करता रहता है ।


वास्तविक प्यार एक बढ़ती हुई और विकसित होती हुई प्रक्रिया है जो आदमी की प्रत्येक भावना , समस्या ख़ुशी और विजय को अपने में शामिल कर लेती है ।

आप जीवन में जो भी पाना चाहते हैं वह निश्चित रूप  से पा सकते हैं बशर्ते की आप दूसरे व्यक्तियों की वो जो चाहते हैं उसे प्राप्त करने में पर्याप्त सहायता करें । हम सब चाहते हैं की कोई हमसे प्यार करे और किसी से हमें सच्चा प्यार हो है ना ?

बहुत से युगल जो विवाह की सपथ के समय एक दूसरे के प्रति अमरप्रेम की घोषणा करते हैं , बहुत जल्दी ही एक दूसरे के गले तक पहुँच जाते हैं । मैं व्यक्तिगत रूप से सहमत हूँ की बहुत बार उनका प्यार सच्चा होता है , तथापि , प्यार भी उपेक्षा से उसी प्रकार मर जाता है जैसे कोई फूल , वृक्ष अथवा झाड़ी मर जाता है ।

 

प्यार भी सुद्ध चाँदी की तरह अपनी चमक खो देता है यदि इस पर प्रतिदिन रुचि , लगाव , एवं प्रेम की अभिव्यक्ति की पोलिश ना की जाए ।
दुर्भाग्य से बहुत से युगल एक-दूसरे से इतना परिचित हो जाते हैं की एक -दूसरे की अच्छाइयाँ की क़द्र करना बंद कर देते हैं और फिर विवाह की सबसे बड़ी सत्रु – ऊब पैदा होती है जो आगे चल कर दोनो के बीच दरार पैदा करती है ।




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0 thoughts on “यह चिज क्या है जिसे प्यार कहते है ?

  1. Stevdeargo says:
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